देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और गुरुवार को इसने पूरे भारत को कवर कर लिया। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून ने सामान्य समय से पहले केवल 36 दिनों में पूरे देश को कवर कर लिया, जबकि आमतौर पर इसमें 38 दिन लगते हैं। हालांकि, विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों बाद मानसून की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे बंद हो गए हैं। यमुनोत्री मार्ग बाधित होने से करीब 1000 यात्री रास्ते में फंस गए हैं। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग भी चट्टानें गिरने के कारण बंद है। वहीं भारी बारिश को देखते हुए प्रदेश के 10 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। हरिद्वार के कई इलाकों में 3 से 4 फीट तक जलभराव दर्ज किया गया। उत्तरप्रदेश के 69 शहरों में गुरुवार को बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 10 लोगों की जान चली गई। बुलंदशहर में एक पुरानी मस्जिद की दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई। वहीं हरदोई में नदी में नहाने गई दो बहनें तेज बहाव में बह गईं, जिनमें से एक की तलाश जारी है। राजस्थान में लगातार बारिश के कारण धौलपुर में एक मकान ढह गया, जिसके मलबे में छह लोग दब गए। वहीं अजमेर के किशनगढ़ क्षेत्र में भी कच्चा मकान गिरने से एक परिवार के तीन सदस्य मलबे में फंस गए। भारी बारिश के चलते राज्य में छह ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कई अन्य ट्रेनें देरी से चल रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और प्रमुख सड़कों पर लंबे ट्रैफिक जाम देखने को मिले। प्रशासन ने लोगों से आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

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