कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बिधाननगर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने एक गेस्ट हाउस में छापेमारी कर करोड़ों रुपये का काला धन बरामद किया। पुलिस ने मौके से 2 करोड़ रुपये से अधिक का कैश, कई अत्याधुनिक नोट गिनने की मशीनें, चार कारें और एक स्कूटी जब्त की है। इस पूरे मामले में एक महिला समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह बड़ी कार्रवाई बिधाननगर पुलिस की साइबर क्राइम शाखा, खुफिया पुलिस (डीडी) और टेक्नो सिटी थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से की। खुफिया सूचना मिलने के बाद सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे पुलिस अधिकारियों की टीम ने न्यूटाउन के स्ट्रीट नंबर 786 (वॉटर टैंक नंबर 20 के पास) स्थित एक गेस्ट हाउस पर धावा बोला।चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार: “जैसे ही जांच अधिकारी गेस्ट हाउस के कमरों के भीतर दाखिल हुए, वहां का नजारा देखकर उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। कमरे के भीतर अलमारी और बिस्तरों पर थरे-थरे नोटों के बंडल सजे हुए थे। तुरंत कार्रवाई करते हुए कमरे में मौजूद सभी सात लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जिनसे रातभर कड़ी पूछताछ की गई।” शुरुआती जांच में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से अधिकांश बाहरी राज्यों (विशेष रूप से झारखंड) के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जांच टीम को अंदेशा है कि इस गेस्ट हाउस के कमरों को किराए पर लेकर लंबे समय से हवाला कारोबार और अवैध तरीके से पैसों के लेनदेन का काम चल रहा था। इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या यहां से ‘जामताड़ा मॉडल’ पर कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी का गिरोह या अवैध कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। स्थानीय सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को बताया कि इस गेस्ट हाउस में रहने वाले लोग कौन सी भाषा बोलते थे, यह समझना मुश्किल था। लेकिन अक्सर यहां बड़ी-बड़ी गाड़ियां आती थीं, जिनमें संदिग्ध ट्रंक (लोहे के बक्से) लोड किए जाते थे। न्यूटाउन में भारी मात्रा में कैश बरामद होने के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले में बिधाननगर के पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद देवराज चक्रवर्ती के संलिप्त होने की आशंका जताई है। भाजपा नेतृत्व का आरोप है कि बरामद किया गया यह करोड़ों रुपये का कैश तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार का हिस्सा है और पुलिस को इसकी तह तक जाकर मुख्य आरोपियों को बेनकाब करना चाहिए। दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के केवल तथ्यों और सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का हिस्सा है। आने वाले दिनों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस मामले में कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

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