स्पेन 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई। डलास स्टेडियम में मिकेल ओयारजाबाल ने 22वें मिनट में पेनल्टी पर पहला गोल किया। इसके बाद 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने गोल दागकर स्पेन की जीत पक्की कर दी। स्पेन 2010 के बाद फाइनल खेलेगा। तब टीम ने फाइनल में नीदरलैंड को 1-0 से हराकर अपना इकलौता वर्ल्ड कप जीता था। वहीं, फ्रांस 2018 और 2022 के बाद लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने से चूक गया। स्पेन को 22वें मिनट में पेनल्टी मिली। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने बॉक्स के अंदर लामिन यमाल पर फाउल कर दिया। इसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दे दी। मिकेल ओयारजाबाल ने गेंद को गोलपोस्ट के दाएं कोने में भेज दिया। इसके साथ ही स्पेन ने 1-0 की बढ़त बना ली। यह ओयारजाबाल के टूर्नामेंट में पांचवां गोल रहा। दूसरे हाफ में फ्रांस बराबरी की कोशिश करता रहा, लेकिन 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के शानदार पास पर गोल कर स्पेन की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे किलियन एम्बाप्पे इस मुकाबले में स्पेन की मजबूत डिफेंस के सामने असर नहीं छोड़ सके। उन्हें कई बार ऑफसाइड मिला और दूसरे हाफ में येलो कार्ड भी मिला। फ्रांस 2018 और 2022 के बाद लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का मौका गंवा बैठा।
