भारत और नेपाल के बीच रेल कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारत और नेपाल के बीच हाल में पहली सीधी कमर्शियल कंटेनर मालगाड़ी ने अपना सफर पूरा किया। इसमें 40 टैंक वैगन में कैनोला तेल लदा था। पिछले हफ्ते इस मालगाड़ी ने कोलकाता पोर्ट से नेपाल के विराटनगर कस्टम्स यार्ड तक का सफर पूरा किया। रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस नई व्यवस्था से ट्रांसिट टाइम, लॉजिस्टिक्स लागत और कार्गो हैंडलिंग के समय में काफी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही इससे सीमा-पार व्यापार की दक्षता, विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मकता में भी सुधार होगा। यह उपलब्धि जून 2023 में शुरू किए गए जोगबनी (भारत) और विराटनगर (नेपाल) के बीच ब्रॉड-गेज रेल लिंक पर आधारित है। मंत्रालय ने कहा, “नवंबर 2025 में संशोधित ‘लेटर ऑफ एक्सचेंज’ (LoE) पर हस्ताक्षर के बाद, विराटनगर के लिए सीधी कमर्शियल रेल सेवा शुरू हो गई है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।” अभी दोनों देशों के बीच सामान की आवाजाही ट्रकों से होती है। इस सीधी मालगाड़ी सेवा से आयात और निर्यात कार्गो की आवाजाही को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह ट्रांसपोर्ट का एक तेज, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल जरिया है। इससे कई हैंडलिंग पॉइंट कम हो जाते हैं, जिससे सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार होता है।
