कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों ने इतिहास रच दिया है। भारत ने पहली बार एक ही गेम में 7 बॉक्सिंग गोल्ड जीत लिए। शनिवार को प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी महिलाओं में चैंपियन बनीं। सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने पुरुषों में सोना जीता। लवलीना बोरगेहन, जादुमणि और नरेंद्र बेरवाल को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने भी गोल्ड जीता। मेडल टैली में भारत के 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज सहित कुल 38 मेडल हो गए और टीम चौथे स्थान पर है। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराया। अंकुश फाइनल की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाया और आखिर में जीत अपने नाम की। सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में नामीबिया के मुक्केबाज को ट्राईगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 से हराया। दूसरे राउंड में रेफरी ने सचिन पर एक अंक की पेनल्टी लगाई थी। ऐसे में आखिरी राउंड में उनका 4-1 से जीतना जरूरी हो गया था। आखिरी राउंड भी बराबरी पर था, लेकिन सचिन में आखिरी क्षणों में दमदार पंच लगाया, इससे नडेवेलो लड़खड़ा गए। इसी पंच ने सचिन की जीत तय कर दी। अरुंधति चौधरी ने 70kg में इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 से हराया। अंतिम राउंड के शुरुआती 30 सेकंड में रेफरी ने दोनों मुक्केबाजों को खेल की रफ्तार बढ़ाने के लिए कहा। अरुंधति की प्रतिद्वंद्वी रीड को मुकाबले में वापसी के लिए आक्रामक होना था, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। महिलाओं के 60kg फाइनल मुकाबले में भारत की प्रिया घंघास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने मिले-जुले फैसलों में 4-1 से जीत हासिल की। प्रिया ने मुकाबले की तेज शुरुआत की, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी अल-अहमदियेह ने भी कुछ सटीक पंच लगाकर जोरदार जवाब दिया। फाइनल राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। प्रिया थकी हुई नजर आ रही थीं, लेकिन उन्होंने लगातार आक्रामक रुख बनाए रखा और दमदार पंच लगाती रहीं। महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारत की साक्षी चौधरी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और यूनानिमस डिसीजन 5-0 से जीत हासिल की। साक्षी ने मुकाबले के दौरान बेहतरीन रणनीति अपनाई। उन्होंने बाएं हाथ से प्रतिद्वंद्वी के पंचों को रोका और दाएं हाथ से लगातार सटीक जवाबी हमले किए। उनके कई पंच सीधे प्रतिद्वंद्वी के चेहरे पर लगे, जिससे मुकाबले में उनकी पकड़ मजबूत होती गई। हरियाणा की बॉक्सर प्रीति पवार ने विमेंस के 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को 5-0 से हराया। उन्होंने तीनों ही राउंड में दबदबा कायम रखा और गोल्ड अपने नाम किया। प्रीति ने 2023 के एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था। प्रीति 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 2026 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, जबकि 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी गोल्ड अपने नाम किया। प्रीति की ट्रेनिंग NS NIS पटियाला में होती है। हरियाणा की बॉक्सर जैस्मिन लांबोरिया 57 KG कैटेगरी के फाइनल में मिशेला वॉल्श को 5-0 से हराया। उन्हें सभी जजों ने एकमत फैसले से विजेता घोषित किया। जैस्मिन इस वर्ग में दुनिया की नंबर-1 बॉक्सर हैं। उन्होंने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में गोल्ड जीता है। जैस्मिन 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत के लिए खेल चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। लवलीना बोरगोहेन को 70 किलो भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर एम्मा-सू ग्रीनट्री के हाथों 1-4 से हार झेलनी पड़ी। बोरगोहेन ने ओलंपिक में भी देश के लिए पदक जीता था। इस बार वे गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं, लेकिन फाइनल में उन्हें उपविजेता बनकर ही वापस लौटना पड़ा। जादुमणि ने अपने से लंबे ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी डिक्सन के खिलाफ पहला राउंड 3-2 से जीता। हालांकि, वे दूसरे और तीसरे राउंड में डिक्सन ने वापसी की और मुकाबला अपने नाम किया। जादुमणि शुक्रवार को नामीबिया के फिलिप हाओसेब को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंचे थे। नरेंद्र को पुरुषों के 90 प्लस किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में पराजय झेलनी पड़ी। उन्हें इंग्लैंड के डेमर थॉमस ने 5-0 से हराया। इस मैच में नरेंद्र शुरुआत से ही पिछड़ रहे थे। आखिरी के 2 राउंड में भी वे वापसी नहीं कर सके। पैरा शॉट पुट इवेंट की F-57 कैटेगरी में भारत के सोमन राणा ने सीजन बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। एक अन्य भारतीय शुभम जुयाल ने सिल्वर पाया। सोमन राणा ने 13.40 मीटर गोला फेंका। शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर थ्रो किया। F-57 कैटेगरी में वे खिलाड़ी आते हैं, जिनके कम के नीचे के अंग (पैरों) कमजोर होते हैं। लेकिन उनके ऊपरी शरीर (धड़ और हाथ) की ताकत पूरी तरह सामान्य होती है। भारत ने पुरुष ट्रिपल जंप में दो और मेडल जीत लिए हैं। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर के जंप अटैम्प्ट के साथ सिल्वर अपने नाम किया। वहीं, भारत के ही सेल्वा प्रभु ने 16.52 के बेस्ट अटैम्प्ट के साथ ब्रॉन्ज जीता। इस इवेंट का गोल्ड जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने जीता। उनका बेस्ट अटैम्प्ट 16.72 मीटर का रहा। महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में भारत की उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्नति ने मुकाबला महज 1 मिनट 7 सेकंड में इप्पोन के जरिए जीत लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही उन्नति आक्रामक नज़र आईं। उन्होंने सही मौके का फायदा उठाते हुए प्रतिद्वंद्वी का संतुलन बिगाड़ा और उसे पीठ के बल गिरा दिया। इस शानदार मूव पर उन्हें इप्पोन मिला, जो जूडो में एक ही दांव पर मिलने वाला सर्वोच्च स्कोर होता है। बॉक्सिंग के अलावा आज भारत के खिलाड़ी एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में भी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। दिनभर में कुल 44 गोल्ड मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स के 19, बॉक्सिंग के 14, ट्रैक और पैरा ट्रैक साइक्लिंग के 6 और जूडो के 5 फाइनल शामिल हैं। पैरा एथलेटिक्स में पुरुष 1500 मीटर T54 के फाइनल में भारत के रमेश शनमुगम सातवें स्थान पर रहे। उन्होंने 3:23:59 मिनट का समय लिया।महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक फाइनल में भारत की रवीना गायकवाड को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उन्हें रेस वॉकिंग नियमों के उल्लंघन के लिए तीन रेड कार्ड मिले, जिसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका अभियान निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया।
