स्वतंत्रता दिवस पर सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। उसने शनिवार से पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को कम कर दिया है। इस बारे में एक आदेश जारी हुआ है। सरकार की ओर से फ्यूल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स घटाने का मतलब यह है कि देश की तेल रिफाइनिंग कंपनियों को विदेश में तेल बेचने पर अब सरकार को कम टैक्स देना पड़ेगा। विंडफॉल टैक्स घटने से इन कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा। इसके चलते इनका शुद्ध मुनाफा बढ़ेगा। हालांकि, इस फैसले से भारत के पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा। सरकारी आदेश के मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को 25.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, पेट्रोल पर ड्यूटी को 3.5 रुपये से घटाकर शून्य रुपये प्रति लीटर किया गया है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर टैक्स को पहले के 22 रुपये से घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। सरकार ने सबसे पहले जुलाई 2022 में तेल की बढ़ती कीमतों से होने वाले असाधारण मुनाफे पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। दो साल बाद इसे हटा दिया गया था। ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान तेल की कीमतों में उछाल आने के बाद मार्च 2026 में यह लेवी फिर से लागू की गई थी। सरकार अभी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े एक्सपोर्ट लेवी की समीक्षा करती है। जब ग्लोबल लेवल पर रिफाइनिंग मार्जिन थोड़े कम होते हैं तो सरकार टैक्स घटाकर कंपनियों को राहत देती है ताकि उनका एक्सपोर्ट बिजनेस प्रभावित न हो।
