अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा से नदियां उफान पर हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं और संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं। प्राकृतिक आपदा के चलते अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे राज्य में शोक का माहौल है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आपदा के बीच सबसे बड़ी चिंता सेना के पांच जवानों के लापता होने को लेकर है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जवान बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान लापता हुए। सेना, राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां संयुक्त रूप से उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। खराब मौसम, तेज बहाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत एवं खोज अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, फिर भी बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है। जहां सड़क संपर्क बाधित है, वहां आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भोजन, पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़कें मलबे से बंद हो गई हैं। इससे कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है। परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। प्रशासन सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने का प्रयास कर रहा है, हालांकि लगातार बारिश के चलते काम में बाधाएं आ रही हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में आगामी दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। साथ ही पर्यटकों और यात्रियों से भी मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक लापता जवानों का पता नहीं चल जाता तथा सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पूरी तरह से संपन्न नहीं हो जाते।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *