बंगाल में मई में हुए सत्ता परिवर्तन व भाजपा की सरकार बनने के करीब तीन माह बाद स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए रविवार को केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य बीमा योजना’ यहां शुरू हो गई। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की उपस्थित में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में आयुष्मान योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। जो लोग आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं आते, उनके लिए इस मौके पर समान सुविधाओं वाली मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की भी मुख्यमंत्री ने शुरुआत की। आयुष्मान योजना को लागू करने के साथ बंगाल की नई सरकार ने रविवार, 16 अगस्त को राज्य में पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार द्वारा मनाए जाने वाले खेला होबे (खेला होगा) दिवस की जगह पहली बार आयुष्मान दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक लाभार्थियों के बीच मंच पर ‘आयुष्मान भारत’ कार्ड का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के करीब एक करोड़ 43 लाख परिवार यानी लगभग छह करोड़ लोग हर वर्ष पांच लाख रुपये तक के मुफ्त कैशलेस उपचार वाले आयुष्मान योजना के दायरे में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के दायरे में नहीं आने वाले करीब 80 लाख परिवारों को ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ का लाभ मिलेगा। राज्य के सभी परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने इस योजना की शुरुआत को राज्य के लिए एक “नया दिन” बताया। पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों के दौरान राज्य के लोगों को केंद्र की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा गया। बता दें कि केंद्र ने सितंबर, 2018 में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी, लेकिन पिछली तृणमूल सरकार ने इसे बंगाल में लागू नहीं किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली तृणमूल सरकार की ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के तहत उपचार की सुविधा मुख्य रूप से राज्य के करीब 1,500 अस्पतालों तक सीमित थी। अब आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बंगाल के 1,240 निजी और 627 सरकारी अस्पतालों के अलावा देशभर के कुल 38,604 सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभार्थियों को पांच लाख तक के मुफ्त उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना में करीब 1,700 तरह की बीमारियों का इलाज उपलब्ध था। आयुष्मान व मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में उपचार से जुड़े पैकेजों की संख्या भी 1,700 से बढ़ाकर 1,950 कर दी गई है। इनमें घुटने और कूल्हे के प्रत्यारोपण जैसी जटिल और महंगी सर्जरी भी शामिल हैं। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी बुजुर्ग नागरिकों को भी इस स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सस्ता और सुलभ बनाने के लिए राज्य में 100 ‘अमृत फार्मेसी’ और 467 ‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र’ स्थापित करने के लिए भी इस मौके पर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही आंखों के मुफ्त उपचार के लिए ‘सुदृष्टि’ कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। निजी अस्पतालों की ओर से ‘श्रेणी-बी’ के तहत उपचार दरों में वृद्धि को लेकर उठाई जा रही मांगों पर भी मुख्यमंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु की तरह कोलकाता के अस्पतालों की समस्याओं पर भी सरकार विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने अब से 16 अगस्त को बंगाल में हर साल ‘आयुष्मान दिवस’ के रूप में मनाने की वजह बताते हुए कहा कि इस दिन को इतिहास में ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग डे’ के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल सरकार इस काले दिन को ‘खेला होबे दिवस’ के रूप में मनाती थी, लेकिन उनकी सरकार अब इसे ‘आयुष्मान दिवस’ के रूप में मनाएगी। पिछली सरकार के ‘खेला होबे दिवस’ पर कटाक्ष करते हुए शुभेंदु ने कहा कि नई सरकार राज्यवासियों के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के साथ ‘आयुष्मान दिवस’ मनाने में विश्वास करती है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने 1946 के कलकत्ता नरसंहार के दौरान हिंदुओं के रक्षक बने गोपाल मुखर्जी को भी याद करते हुए उन्हें नमन किया।
