पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को फिर सियासी तौर पर तगड़ा झटका लगा है। 6 अक्टूबर को वोटिंग से पहले ऑल इंडिया तृणमूल ममता कांग्रेस (AITMC) के प्रत्याशी ने नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। ममता बनर्जी की प्रत्याशी संचिता प्रधान ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद नाम वापसी की घोषणा कर दी। बता दें कि इससे पहले फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने नाम वापस ले लिया था। ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में नए चेहरे पर दांव खेला था। संचिता प्रधान डे ने अभी तक इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है कि उन्होंने उपचुनाव की दौड़ से अपना नाम क्यों वापस लिया, लेकिन उनके इस कदम से नंदीग्राम में सत्ताधारी बीजेपी को फायदा होगा। नंदीग्राम को शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है। उपचुनाव की दौड़ से उनके हटने के फैसले ने पूर्व मुख्यमंत्री के गुट को मुश्किल में डाल दिया है और पार्टी अब नया उम्मीदवार भी नहीं उतार पाएगी क्योंकि नामांकन की आखिरी तारीख 16 सितंबर थी। इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी खुद भी नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के सामने लड़ी थीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, हालांकि दाेनों के बीच मुकाबला कांटे का रहा था। बीजेपी ने नंदीग्राम सीट से हासीरानी रथ को मैदान में उतारा है। वह शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत पीए चंद्रनाथ रथ की मां है। TMC के दूसरे गुट से मोहम्मद एहतशामुल हक ने भी नामांकन दाखिल किया है। चुनाव आयोग ने टीएमसी और उसके चुनाव चिह्न को अंतिम फैसले तक फ्रीज कर दिया है। ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का नाम ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस रखा है। इसे चुनाव चिन्ह फुटबॉल मिला है, तो वहीं दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी के अगुवाई वाली खेमे ने पार्टी का नाम डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस रखा है। पार्टी को चुनाव चिह्न के तौर पर लिफाफा अलॉट हुआ है। संचिता प्रधान पहले प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका रह चुकी हैं। 26 हजार शिक्षकों की नौकरी रद्द होने के मामले में उनकी नौकरी भी चली गई थी। वह 2018 से 2023 तक पंचायत समिति की सदस्य भी रह चुकी हैं। एक समय तो ऐसी भी चर्चा थी कि खुद ममता इस अहम सीट से चुनाव लड़ सकती हैं, लेकिन उन्हाेंने संचिता प्रधान पर दांव खेला था। इतना ही नहीं पूर्व मंत्री अखिल गिरी के ममता के कालीघाट स्थित आवास पर अचानक जाने से नंदीग्राम उम्मीदवार के तौर पर उनका नाम भी आगे चला था।
