केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग हाई कोर्ट में 14 जजों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की। इन नियुक्तियों में दिल्ली, झारखंड, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख और कर्नाटक हाई कोर्ट के लिए न्यायिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने जजों की नियुक्ति से जुड़ी सूची जारी करते हुए बताया कि संविधान के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए और भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद राष्ट्रपति हाई कोर्ट में न्यायाधीश और अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कुल 7 जजों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें दो न्यायिक अधिकारियों को स्थायी जज बनाया गया है, जबकि पांच को अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्त किया गया है। स्थायी जजों के तौर पर निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना की नियुक्ति हुई है। वहीं संजय शर्मा, भरत पाराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया है। अरुण भारद्वाज फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत हैं। नई नियुक्ति के बाद वह हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज की जिम्मेदारी संभालेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट के लिए इन नियुक्तियों से पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को 8 न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने इनमें से सात नामों को मंजूरी दी है। दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 60 है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नियुक्तियों से पहले यहां 44 जज कार्यरत थे और 16 पद खाली थे। सात नई नियुक्तियों के बाद कार्यरत जजों की संख्या बढ़कर 51 हो जाएगी। केंद्र सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इनमें मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के नाम शामिल हैं। झारखंड हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 25 है। इन नियुक्तियों से पहले यहां 13 जज कार्यरत थे और 12 पद खाली थे। तीन नए जजों के पद संभालने के बाद हाईकोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या 16 हो जाएगी। केंद्र सरकार ने यश पॉल बोर्नी की जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को हुई बैठक में यश पॉल बोर्नी के नाम की हाईकोर्ट जज के तौर पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी। केंद्र की मंजूरी के बाद अब उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। कर्नाटक हाईकोर्ट में भी तीन न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है। इनमें उषा रानी, केएस भरत कुमार और नेराले वीरभद्रैया भवानी शामिल हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 62 है। नियुक्तियों से पहले यहां 54 जज कार्यरत थे। तीन नए जजों के पद संभालने के बाद कार्यरत जजों की संख्या बढ़कर 57 हो जाएगी। केंद्र की इन नियुक्तियों से दिल्ली, झारखंड, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख और कर्नाटक हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ेगी। खास तौर पर दिल्ली और झारखंड हाईकोर्ट में लंबे समय से खाली चल रहे पदों में कुछ कमी आएगी। इन नियुक्तियों की प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश और राष्ट्रपति की संवैधानिक नियुक्ति प्रक्रिया शामिल रही है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद संबंधित न्यायिक अधिकारियों के हाईकोर्ट में पद संभालने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
