तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस और रक्षाबंधन के मौके पर शुक्रवार को कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर आयोजित जनसभा में TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी, केंद्र सरकार, मीडिया और पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले नेताओं पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह राजनीतिक दबाव या केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने पार्टी छोड़कर दूसरे राजनीतिक खेमों में जाने वाले नेताओं की वापसी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। अभिषेक बनर्जी ने अपने विदेश चले जाने की चर्चाओं और मीडिया में चल रही कथित खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों में उनके अमेरिका चले जाने की खबरें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें। अभिषेक ने कहा कि जब तक उनके शरीर पर तृणमूल का झंडा है, तब तक वह राजनीतिक लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चुनौतीपूर्ण अंदाज में कहा कि विरोधियों में जितना संघर्ष करने का जज्बा है, उससे कई गुना अधिक दृढ़ता उनके भीतर है। उनका संदेश था कि राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी और वे दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। अभिषेक बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), CID और पुलिस जैसी एजेंसियों की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चाहे जितनी जांच एजेंसियों को उनके पीछे लगाया जाए, वे अपना सिर नहीं झुकाएँगे। उन्होंने अपने भाषण में ‘जय बांग्ला’ और ‘जय हिंद’ के नारों के साथ कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। TMC छोड़कर दूसरे दलों में शामिल होने वाले नेताओं पर अभिषेक बनर्जी ने बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने ऐसे नेताओं को विश्वासघाती बताते हुए कहा कि जिन्होंने पार्टी के नाम और संगठन के सहारे अपनी राजनीतिक पहचान बनाई और मुश्किल समय में पाला बदल लिया, उनके लिए TMC में वापसी आसान नहीं होगी। अभिषेक ने संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे नेताओं को पार्टी में दोबारा शामिल करने का रास्ता बंद रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी का फैसला अंतिम होगा। अभिषेक बनर्जी ने अपने भाषण में महंगाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने चीनी, प्याज और सरसों तेल जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। अभिषेक ने ‘डबल इंजन’ सरकार के नारे पर भी कटाक्ष किया और आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने का दावा करने के बावजूद आम लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने 2006 के विधानसभा चुनावों का उदाहरण दिया। उन्होंने तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार और सीपीएम के मजबूत राजनीतिक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी लंबे समय तक सत्ता में रहने को लेकर बड़े दावे किए गए थे। अभिषेक ने दावा किया कि आने वाले वर्षों में बीजेपी के साथ भी ऐसा ही राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा और पांच साल बाद पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर हो जाएगी। 9 कैमाक स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय से पार्टी के इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड को हटाने की कार्रवाई का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने राज्य प्रशासन और पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की मदद से तृणमूल का साइनबोर्ड हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी पक्ष को उतना ही अत्याचार करना चाहिए, जितना दूसरा पक्ष सहन कर सके। TMCP स्थापना दिवस के मंच से अभिषेक बनर्जी के भाषण में एक तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं को संघर्ष के लिए तैयार रहने का संदेश दिया गया, वहीं बीजेपी और राज्य में मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ TMC के आक्रामक रुख को भी स्पष्ट किया गया।

By UJAGAR

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