बंगाल की दुर्गा पूजा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य की पहचान और सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है. बड़े-बड़े पंडाल, अनोखी थीम और लाखों की भीड़ इसे खास बनाते हैं. इसी लोकप्रियता के बीच इस बार पूजा के तौर-तरीकों को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने अपनी बात रखी है. VHP ने पूजा समितियों से परंपरा और शास्त्रीय नियमों का ध्यान रखने की अपील की है. विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य निर्वाणानंद महाराज ने कहा कि दुर्गा पूजा में ‘साबेकियाना’ यानी पुरानी पारंपरिक शैली लौटनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रतिमा को खुले स्थान पर नहीं रखा गया तो उसका दर्शन और विदाई का भाव प्रभावित होगा. उन्होंने प्रतिमा बनाते समय फोटो लेने से भी बचने की अपील की है. उनका कहना था कि विकृत मानसिकता को रोकना जरूरी है. मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, बुधवार को VHP ने फोरम फॉर दुर्गोत्सव और कई पूजा समितियों के साथ चर्चा की. इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्वाणानंद महाराज ने पूजा के तरीके को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने दुर्गा पूजा में पुराने पारंपरिक अंदाज यानी ‘साबेकियाना’ यानी पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा होना चाहिए. VHP ने पूजा की सात्त्विकता और धार्मिक परंपरा को बनाए रखने की बात कही. कोलकाता की दुर्गा पूजा में थीम पंडालों की अपनी अलग पहचान है. VHP ने थीम का विरोध नहीं किया. लेकिन संगठन ने कहा कि थीम में पारंपरिक संस्कृति दिखाई देनी चाहिए. निर्वाणानंद महाराज ने कहा कि अगर किसी परेड में जूते, फटे कपड़े या संस्कृति विरोधी चीजें दिखाई गईं तो वह इसका विरोध करेंगे. यानी VHP की आपत्ति थीम बनाने से नहीं, बल्कि ऐसी प्रस्तुति से है जिसे संगठन संस्कृति विरोधी मानता है. दुर्गा पूजा में थीम आधारित पंडाल बंगाल की बड़ी सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं. सरकारी पर्यटन पोर्टल भी कोलकाता की पूजा में थीम पंडालों को रचनात्मकता का अहम हिस्सा बताता है. बैठक में पूजा मंडप के भीतर मांसाहारी भोजन का मुद्दा भी उठा।. VHP ने कहा कि मंडप के बाहर किसी तय स्थान पर नॉनवेज भोजन बेचा जा सकता है. लेकिन उसे पूजा मंडप के अंदर नहीं लाया जाना चाहिए. VHP ने धर्म और त्योहार को लेकर भी अपनी बात रखी. निर्वाणानंद महाराज ने कहा कि हर धर्म का अपना त्योहार है और सनातनियों को सनातन धर्म के अनुसार त्योहार मनाना चाहिए. VHP ने कुम्हारटोली में प्रतिमा निर्माण को लेकर भी खास अपील की. संगठन ने कहा कि जब मां की प्रतिमा बनाई जा रही हो, उस समय उसकी तस्वीर नहीं खींची जानी चाहिए।. निर्वाणानंद महाराज ने ‘विकृत मानसिकता’ को रोकने की बात भी कही।. VHP का कहना है कि प्रतिमा निर्माण और पूजा से जुड़े पारंपरिक तौर-तरीकों की गरिमा बनी रहनी चाहिए. कुम्हारटोली कोलकाता में दुर्गा प्रतिमा बनाने वाले कलाकारों का प्रमुख पारंपरिक इलाका है. पूजा के उद्घाटन को लेकर भी VHP ने अपनी बात साफ की. निर्वाणानंद महाराज के मुताबिक आंखों में रंग भरना या दीप जलाना ही उद्घाटन नहीं है. उन्होंने बोधन और उद्घाटन को अलग-अलग बताया. VHP ने कहा कि पूजा प्रतिपदा यानी देवी पक्ष शुरू होने के बाद होनी चाहिए. संगठन ने पूजा समितियों से हिंदू शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार पूजा करने पर जोर दिया. पूजा कार्निवल को लेकर भी VHP ने अपनी राय रखी. संगठन ने कहा कि अगर दुर्गा पूजा को कार्निवल का रूप दिया जाता है तो इसे विसर्जन के दिन किया जाना चाहिए.

By UJAGAR

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