भारतीय वायुसेना को 31 अक्टूबर 2026 को नया प्रमुख मिलने जा रहा है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित आज वायुसेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे। वह एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (एपी सिंह) की जगह लेंगे, जो करीब 25 महीने के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को उनके कार्यकाल के अंतिम दिनों में कई आधिकारिक विदाई कार्यक्रमों के जरिए सम्मान दिया गया है। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से आयोजित कार्यक्रम भी शामिल है। शनिवार को उनके अंतिम कार्यदिवस पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदाई दी जाएगी। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना में स्वदेशी विमानों और रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस सहित वायुसेना की विभिन्न स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशनल और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एयर मार्शल दीक्षित ने अपने करियर में कई अहम पदों पर काम किया है। कमांडिंग ऑफिसर के रूप में उन्होंने नंबर 9 स्क्वाड्रन को मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से लैस किया। इसके बाद उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में एक अग्रिम लड़ाकू एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली। वह दक्षिणी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर भी रहे। वायु मुख्यालय में उन्होंने सहायक वायुसेना प्रमुख (परियोजना) और सहायक वायुसेना प्रमुख (योजना) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारी निभाई। देश के प्रति विशिष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। इनमें शामिल हैं:
- 2006: वायु सेना मेडल
- 2011: विशिष्ट सेवा मेडल
- 2023: अति विशिष्ट सेवा मेडल
- 2026: परम विशिष्ट सेवा मेडल
एयर मार्शल दीक्षित के वायुसेना प्रमुख बनने के साथ भारतीय वायुसेना के नेतृत्व में बदलाव होगा। रक्षा क्षेत्र
