पश्चिम बंगाल में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर कोलकाता के बेहला हवाई अड्डे के पुनरुद्धार और उसे फिर से चालू करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने यह पत्र 13 अगस्त 2026 को लिखा था। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बताया कि बेहला एयरपोर्ट पर मौजूदा 915 मीटर लंबा रनवे है। इसका इस्तेमाल ATR-72 यात्री विमानों, एयर एम्बुलेंस और चार्टर्ड उड़ानों के संचालन के लिए किया जा सकता है। ऐसे में एयरपोर्ट को दोबारा विकसित कर परिचालन शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। हाल ही में कराए गए ड्रोन सर्वेक्षण में बेहला एयरपोर्ट के क्षेत्रफल से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। सर्वे के मुताबिक एयरपोर्ट कुल 215.5875 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह जमीन कोलकाता ब्लॉक के गोपालपुर, बेहला और पोरुई मौजा में स्थित है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बेहला एयरपोर्ट को कोलकाता के मौजूदा हवाई यातायात के लिए एक अतिरिक्त विकल्प के तौर पर विकसित करने पर जोर दिया है। एयरपोर्ट के दोबारा संचालन से नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। बेहला एयरपोर्ट के संचालन का असर केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। इससे कोलकाता और दक्षिण 24 परगना के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क मिल सकता है। साथ ही पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट की उपयोगिता को मेडिकल इमरजेंसी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताया है। बेहला एयरपोर्ट के सक्रिय होने से मेडिकल इवेक्युएशन और एयर एम्बुलेंस सेवाओं को तेजी से संचालित करने में मदद मिल सकती है। इससे आपात स्थिति में मरीजों को दूसरे शहरों तक पहुंचाने का विकल्प मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने केंद्र से आग्रह किया है कि बेहला एयरपोर्ट के पुनरुद्धार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और यहां जल्द से जल्द व्यावसायिक उड़ान सेवाएं शुरू करने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही UDAN यानी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत भी सेवाएं शुरू करने का अनुरोध किया गया है। बेहला एयरपोर्ट को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने केंद्र को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भूमि, सुरक्षा और आवश्यक मंजूरियों से जुड़े मामलों में राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
