बिहार के भागलपुर में गंगा नदी में मजदूरों से भरी नाव अचानक पलट गई. नाव पर कुल 22 मजदूर सवार थे. हादसे के बाद सभी मजदूर नदी में गिर गए. इनमें से 21 मजदूरों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई. वहीं, एक मजदूर अभी लापता बताया जा रहा है. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. लापता मजदूर की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बताया गया कि सभी मजदूर गंगा नदी के कटाव को रोकने के काम में लगे थे. नाव पर रेत से भरी कई बोरियां भी रखी थीं. इस हादसे को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम सम्राट चौधरी से मौजूदा हालात की जानकारी ली है. जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नवगछिया के खरीक प्रखंड में राघोपुर तटबंध के पास हुआ. मजदूर रेत की बोरियों की मदद से गंगा के तेज बहाव से किनारे को बचाने का काम कर रहे थे. इसी दौरान नदी की धारा में बदलाव आया और नाव पर दबाव बढ़ गया. बताया जा रहा है कि नाव का संतुलन बिगड़ने के बाद वह अचानक पलट गई. नाव पर मौजूद सभी 22 मजदूर गंगा नदी में जा गिरे. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रशासन को दी. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बचाव का काम शुरू किया. एसडीआरएफ की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए नदी में गिरे 21 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इन मजदूरों ने तैरकर भी खुद को बचाने की कोशिश की. हालांकि, एक मजदूर का अभी तक पता नहीं चल पाया है. उसकी तलाश में नदी के आसपास रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. टीम नाव और दूसरे बचाव साधनों की मदद से गंगा में खोज कर रही है. प्रशासन की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और पूरे ऑपरेशन पर नजर रख रही हैं. हादसे के बाद आसपास के इलाके में भी लोगों की भीड़ जमा हो गई. राघोपुर इलाके में गंगा के बढ़ते पानी से पहले ही हालात खराब हैं. करीब दो दिन पहले यहां गंगा का तटबंध टूट गया था. इसके बाद गांव और आसपास के इलाकों में पानी घुस गया. बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है. कई इलाकों में लोगों को पानी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. तटबंध टूटने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव का काम तेज कर दिया है. स्थानीय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की कोशिश भी की जा रही है. इलाके में बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने जिला प्रशासन को राहत और बचाव का काम तेजी से चलाने के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं. अधिकारी लगातार पानी के स्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लापता मजदूर को सुरक्षित खोजने की है. एसडीआरएफ की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है.
