बिहार में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के उफान से राज्य के 12 जिले प्रभावित हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 22.42 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद लोगों को आवाजाही और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।भागलपुर में रिंग बांध के ओवरफ्लो होने के बाद सुल्तानगंज के आसपास बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया। बताया गया है कि करीब 4 हजार घर पानी में डूब गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने और जरूरी सामान बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। बरेली में रविवार दोपहर से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई।बारिश का असर इतना ज्यादा रहा कि फायर स्टेशन में करीब 3 फीट तक पानी भर गया। इसके अलावा कई घरों में भी बारिश का पानी घुस गया। कुछ स्थानों पर किचन और बेडरूम तक घुटनों के स्तर तक पानी पहुंचने की बात सामने आई है।जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को घर से बाहर निकलने और जरूरी कामकाज करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड में भारी बारिश के मद्देनजर पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में आज सभी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी छुट्टी घोषित की गई है।बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। उत्तराखंड में बारिश से जुड़ी एक दर्दनाक घटना भी सामने आई है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट गहरा रहा है, जबकि उत्तरप्रदेश के कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में बारिश के कारण स्कूल बंद करने के साथ पहाड़ी मार्गों पर भी खतरा बना हुआ है।

By UJAGAR

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