महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में छह बार के लोकसभा सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। सोमवार सुबह में महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में, WFI के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह फैसले से पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि मैं सिर्फ वही सुनूंगा जो कोर्ट कहेगा। मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है। अब दिल्ली की अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में सोमवार को फैसला सुना दिया है। महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले को लेकर अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है। कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह ने कहा कि जिस दिन मुझ पर आरोप लगा था, उस समय मैंने कहा था कि अगर आरोप सही साबित होता है तो मैं खुशी-खुशी फांसी लगा लूंगा। आज अदालत ने मुझे बरी कर दिया है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैंने जो कहा था वो सच साबित हुआ। कोर्ट ने मुझे बाइज्जत बरी किया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी की बात है। आज खुशी का दिन है। ऐसे में मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि जो हो गया, सो हो गया। इससे पहले पूरे विवाद के चलते उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के 6 बार सांसद रहे बृज भूषण को बीते चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था। बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उनका टिकट कट गया था। हालांकि, पार्टी ने इस सीट से उनके बेटे करण भूषण सिंह को मैदान में उतारा। भले ही बृजभूषण को टिकट नहीं दिया गया, बावजूद इसके क्षेत्र में उनके मजबूत आधार का असर नजर आया और बेटे करण भूषण ने जीत दर्ज की। अब दिल्ली की अदालत से राहत मिलने के बाद बड़ा सवाल यही है कि क्या बृजभूषण शरण सिंह फिर से चुनावी रण में उतर सकते हैं। वहीं सवाल ये भी है कि क्या वो फिर WFI के प्रमुख की भी जिम्मेदारी संभालेंगे?

By UJAGAR

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