कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय के बाहर कथित अनधिकृत बिलबोर्ड हटाने को लेकर 27 अगस्त को हुए हंगामे और झड़प के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित राय सोमवार दोपहर दूसरी बार शेक्सपियर सरणी थाने पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। शनिवार शाम पुलिस की एक टीम न्यू अलीपुर स्थित सुमित राय के आवास पर पहुंची थी और उन्हें नया समन सौंपा था। नोटिस के मुताबिक उन्हें सोमवार दोपहर जांच में शामिल होना था। इसके बाद वह निर्धारित समय पर थाने पहुंचे। कैमैक स्ट्रीट मामले में सुमित राय से इससे पहले 2 सितंबर को भी पूछताछ की गई थी। उस दौरान वह शेक्सपियर सरणी थाने में करीब पांच घंटे से अधिक समय तक जांच अधिकारियों के सवालों का सामना कर चुके हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहली पूछताछ पुलिस द्वारा दर्ज किए गए स्वप्रेरित (Suo Motu) मामले के सिलसिले में हुई थी। सोमवार को उनकी दूसरी पेशी KMC के विज्ञापन विभाग के एक अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत/FIR से संबंधित बताई जा रही है। इस पूछताछ में पुलिस 27 अगस्त को घटनास्थल पर मौजूदगी, बिलबोर्ड हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए घटनाक्रम और संबंधित लोगों की भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं पर जानकारी हासिल कर सकती है। पूरा मामला 27 अगस्त को शुरू हुआ था। उस दिन कोलकाता नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ कैमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पहुंची थी। टीम कार्यालय की छत पर लगे एक बड़े बिलबोर्ड को हटाने गई थी। KMC का आरोप था कि बिलबोर्ड नियमों के अनुरूप नहीं था। कार्रवाई के दौरान वहां टीएमसी नेताओं और समर्थकों की भीड़ जुट गई। इसके बाद निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में शेक्सपियर सरणी थाने में तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। मामलों में सरकारी काम में बाधा डालने, गैरकानूनी जमावड़े और पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार समेत विभिन्न आरोपों की जांच की जा रही है। इस मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। कैमैक स्ट्रीट विवाद की जांच का दायरा टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं तक भी पहुंच चुका है। पुलिस इससे पहले अभिषेक बनर्जी और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन से पूछताछ कर चुकी है। FIR में अभिषेक बनर्जी के अलावा डेरेक ओ’ब्रायन, बैश्वानर चट्टोपाध्याय और पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने हुमायूं कबीर को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। उन्हें मूल रूप से 9 सितंबर को पेश होने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही सोमवार को थाने पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराने की बात कही है। कैमैक स्ट्रीट बिलबोर्ड विवाद में पुलिस अब अलग-अलग शिकायतों और FIR के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। सुमित राय की दूसरी पेशी इसी जांच का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस की पूछताछ और जांच जारी है। FIR में नाम होना या पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया जाना किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों के सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम स्थिति जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

By UJAGAR

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