पश्चिम बंगाल में जल्द ही जनगणना की महाप्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए गत 11 मई को ही गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। इसी सिलसिले में आज (शुक्रवार) कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ के सभाघर में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इस ‘प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर्स सम्मेलन’ का उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि आज से ही राज्य में जनगणना की तैयारियां और प्रक्रिया अपने अंतिम व निर्णायक चरण में पहुंच जाएगी।प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस सम्मेलन में राज्य में जनगणना के मौजूदा हालातों और तैयारियों का खाका पेश किया जाएगा, जिस पर मुख्यमंत्री अपनी राय और निर्देश देंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को ‘सेंसस 2027’ का आधिकारिक शुभंकर (मस्कट) भी सौंपा जाएगा। इस बार की जनगणना कई मायनों में बेहद खास और आधुनिक होने जा रही है। इतिहास में पहली बार आम जनता को ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी ‘स्व-गणना’ की सुविधा मिलने जा रही है। कैसे करें ऑनलाइन आवेदन: लोग सरकार के आधिकारिक पोर्टल www.se.census.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अपनी इच्छा से अपने परिवार का पूरा विवरण और पूछे गए सवालों के जवाब दर्ज कर सकते हैं। मिलेगी खास आईडी: ऑनलाइन जानकारी सफलतापूर्वक जमा होने के बाद, एक ‘सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी’ (Self Enumeration ID) जेनरेट होगी। बाद में जब सरकारी प्रगणक (न्यूमरेटर) आपके घर आएंगे, तो आपको बस यह आईडी उन्हें देनी होगी, जिसे वे सीधे केंद्रीय डेटाबेस में अपलोड कर देंगे। समय सीमा: स्व-गणना की यह ऑनलाइन सुविधा इस साल 1 अगस्त से 15 अगस्त तक उपलब्ध रहेगी। जो परिवार इस ऑनलाइन विकल्प को नहीं चुनेंगे, उनके घर जाकर प्रगणक हमेशा की तरह खुद जानकारी जुटाएंगे। स्व-गणना का चरण पूरा होने के बाद, 16 अगस्त से 14 सितंबर तक पूरे राज्य में ‘एचएलओ फेज-1’ (HLO Phase-1) चलाया जाएगा। इस दौरान सरकारी कर्मचारी हर घर का दौरा करेंगे। प्रगणकों के पास कुल 33 सवालों की एक सूची होगी, जिसके जरिए वे मकान की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाएं, संपत्ति, परिवार के सदस्यों का विवरण और उनकी आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़े जुटाएंगे। सेंसस ऑपरेशंस निदेशालय ने पश्चिम बंगाल के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना अधिकारियों को उनके कर्तव्य पालन में पूरा सहयोग दें और बिल्कुल सटीक व सही जानकारी दर्ज कराएं। इस प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की पूछताछ या सहायता के लिए आम नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं।

गुरुवार को राज्य के ‘डायरेक्टरेट ऑफ सेंसस ऑपरेशंस’ की ओर से जारी एक बयान में आश्वासन दिया गया कि इस बार लोगों से जुटाए गए आंकड़ों की गोपनीयता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।

1. सुरक्षित मोबाइल ऐप: डेटा कलेक्ट करने के लिए एक बेहद सुरक्षित ‘एचएलओ’ (HLO) मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा।

2. रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: पूरी प्रक्रिया पर लाइव नजर रखने के लिए एक वेब-बेस्ड प्लेटफॉर्म ‘सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल’ तैयार किया गया है।

3. सैटेलाइट मैपिंग: घरों की सटीक लोकेशन के लिए सैटेलाइट-सहायता प्राप्त ‘हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर वेब पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा।

By UJAGAR

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