मध्य प्रदेश के सीहोर में क्लोरीन गैस रिसाव का मामला सामने आया है. मंगलवार शाम यहां एक वॉटर फिल्टर प्लांट में गैस लीक के बाद अफरातफरी मच गई. क्लोरीन गैस के असर से ग्राम लसुड़िया खास और उसके आसपास के कई लोगों को आंख में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लग गई, जिसके बाद जिला अस्पतालों में पीड़ितों की लाइन लग गई. बताया जा रहा है कि गांव के तालाब में भरे बारिश के पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग किया जा रहा था. इसी दौरान वहां काम कर रहे लोगों की लापरवाही से क्लोरीन गैस का टैंक लीक हो गया. क्लोरिन गैस के रिसाव के बाद वहां मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. इस क्लोरिन गैस के भारी रिसाव की चपेट में आते ही ग्रामीणों सांस लेने में परेशानी, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें होने लगी. देखते ही देखते पूरे गांव के लोग दहशत में आ गए. पुलिस को जानकारी मिली तो गांव में पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंचे और पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया. एडिशनल एसपी के अनुसार, ” प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गैस का रिसाव सिर्फ एक 600 किलो के क्लोरीन गैस सिलेंडर से हुआ है और कारणों का पता लगाया जा रहा है.” क्लोरीन गैस के रिसाव से उसकी चपेट में आए गांव के लगभग 12 से अधिक ग्रामीणों को उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया. यहां मौजूद डाक्टरों की टीम ने तत्काल आपात स्थिति से निपटने के सभी प्रयास शुरू किए और तत्काल घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया. जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल किसी भी व्यक्ति की स्थिति गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं. घटना के बाद मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए. इस घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात है. पुलिस ने ग्रामीणों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ हरिओम गुप्ता ने कहा, क्लोरीन सांस में जाने की शिकायत लेकर कई मरीज यहां पहुंचे हैं, कुछ को घबराहट और सांस लेने में तकलीफ थी, लेकिन सभी सामान्य हैं. थोड़ी मात्रा में क्लोरीन फेफड़ों में जाने से कुछ नहीं होता. अगर ज्यादा मात्रा में चली जाए तो फेफड़ों में इंफेक्शन हो सकता है. अब तक 7-8 लोग आए हैं और मरीजों के आने की संभावना है।’
