विधानसभा के फर्जी सिग्नेचर मामले की जांच में नया मोड़ आया है। राज्य CID ने जांच में तेजी लाने के लिए पांच सदस्यों की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है। एजेंसी के एक स्पेशल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस की लीडरशिप में इस टीम ने जांच शुरू कर दी है और कई जरूरी डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा किए हैं और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने का काम भी शुरू कर दिया है। जांच की प्रगति के बीच सोमवार यानी आज दोपहर 12 बजे तृणमूल कांग्रेस के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी और डायमंड हार्बर के MP अभिषेक बनर्जी को भवानी भवन में पेश होने का नोटिस दिया गया है। CID सूत्रों के मुताबिक, जांच करने वालों को पहले ही कई डॉक्यूमेंट्स और जानकारी मिल चुकी है, जिसके आधार पर अभिषेक बनर्जी से पूछताछ के लिए एक सवाल-जवाब तैयार किया गया है। जांच एजेंसी ने कोर्ट में जब्त डॉक्यूमेंट्स की एक लिस्ट भी जमा कर दी है। पता चला है कि विधानसभा के अलग-अलग सदस्यों के बयानों और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद जांच में अगले कदम उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि संबंधित लेटर में इस्तेमाल किए गए सिग्नेचर की असलियत को वेरिफाई करने के लिए डॉक्यूमेंट्स की जांच का काम भी शुरू हो गया है। राजनीतिक हलकों के एक हिस्से के मुताबिक, इस जांच का आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है। क्योंकि इस मामले में सत्ताधारी पार्टी के टॉप लीडरशिप का नाम शामिल है, इसलिए स्वाभाविक रूप से राजनीतिक गर्मी बढ़ रही है।
