NEET पेपर लीक और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 13 जून को जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा और आंदोलन को देशव्यापी रूप दिया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान उनके हाथ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की आत्मकथा और भारतीय संविधान की प्रति भी दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए है। अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो अगले शनिवार यानी 13 जून को जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी अपनी मांगों से पीछे हटने वाली नहीं है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा। प्रदर्शन में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उनके साथ CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका भी मौजूद रहे, जो IIT कानपुर से पढ़ाई कर चुके हैं और पिछले वर्ष लंदन से भारत लौटे थे। सोनम वांगचुक की मौजूदगी के कारण प्रदर्शन को अतिरिक्त समर्थन मिला और बड़ी संख्या में युवा वहां जुटे। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर प्वाइंट्स पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। करीब 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को संवेदनशील इलाकों और प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तीन बजे के आसपास समाप्त हो गया। अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक के रवाना होने के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शन स्थल खाली होने लगा और समर्थक भी वहां से वापस लौटने लगे। दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव की आशंका को देखते हुए छह लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी इस आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और युवाओं को “कॉकरोच” कहना गलत है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और इस आंदोलन को एक चेतावनी के रूप में लेना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले कुछ हफ्तों में सोशल मीडिया के जरिए चर्चा में आई है। पार्टी खुद को छात्रों और युवाओं के मुद्दों की आवाज बताती है। NEET पेपर लीक, CBSE और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर यह संगठन लगातार सरकार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहा है। अब 13 जून को प्रस्तावित अगले प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि सरकार और CJP के बीच कोई समाधान नहीं निकलता है, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।

By UJAGAR

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