पश्चिम बंगाल में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, सदस्य, महाप्रबंधक और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की पूरी टीम ने राज्य सरकार के साथ एक अभूतपूर्व बैठक की। इस बैठक को अधिकारियों ने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अपने सेवा काल में उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी स्तर की संयुक्त समीक्षा बैठक देखी है, जिसमें सभी लंबित परियोजनाओं के समाधान और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि पिछले कई वर्षों से पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की सौ से अधिक परियोजनाएं लंबित थीं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुआ। अब राज्य सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। विशेष रूप से भूमि उपलब्धता और अनापत्ति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सभी विकास परियोजनाओं में पूर्ण सहयोग देना है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे चिंगरीघाटा फ्लाईओवर और सेवक–रंगपो रेल परियोजना पर तेजी से काम हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पहले भूमि और अनुमतियों से जुड़ी देरी के कारण कई परियोजनाएं रुकी हुई थीं, जिन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में सड़कों, पुलों और रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए लगातार तेजी से काम किया जाएगा और सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि अनापत्ति प्रमाण पत्र समयबद्ध तरीके से जारी किए जाएं। रेल मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल राज्यों में से एक है, जहां करोड़ों यात्री प्रतिदिन रेल सेवाओं पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में रेल विकास के लिए अभूतपूर्व बजट और योजनाएं दे रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में पश्चिम बंगाल को मिलने वाले रेल बजट में कई गुना वृद्धि हुई है और आने वाले समय में यह निवेश और बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में स्टेशनों के आधुनिकीकरण, नए फ्लाईओवर, अंडरपास और मेट्रो विस्तार पर तेजी से काम किया जाएगा।

बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं-

* बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण

* सैकड़ों फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण

* नई रेल परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण में तेजी

* मेट्रो सेवाओं के विस्तार और नई ट्रेनों की शुरुआत

* माल परिवहन गलियारे के विकास की योजना

साथ ही यह भी बताया गया कि राज्य में रेलवे विद्युतीकरण लगभग पूर्ण हो चुका है और आने वाले समय में नई ट्रेन सेवाओं और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य और रेलवे के बीच परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक विशेष समन्वय तंत्र बनाया जाएगा, जो दैनिक आधार पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेगा। जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को भूमि अधिग्रहण और अनुमति प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

By UJAGAR

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