अभी तक पेट्रोल पंप पर बाइक और कारों की लंबी लाइनें और फ्यूल की कमी ही सड़क यात्रियों के लिए परेशानी थी। अब हवाई यात्रियों पर भी इसी वजह से असर पड़ेगा। देश की बड़ी एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया ने अपनी घरेलू फ्लाइट्स कम करने का फैसला किया है। यह फैसला जून से अगस्त तक परमानेंट बताया जा रहा है।

फ्लाइट्स की संख्या क्यों कम हो रही है?

एयर इंडिया ने फ्लाइट्स में कमी की मुख्य वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमत बताई है। दूसरी ओर, इंडिगो ने जून से सितंबर के बीच कम डिमांड को कमी की मुख्य वजह बताया है। एयर इंडिया ने अपनी डोमेस्टिक फ्लाइट्स 22 परसेंट तक कम कर दी हैं, जिससे कई रूट्स पर पैसेंजर ट्रैफिक में कमी आई है।

कौन से रूट्स पर असर पड़ेगा?

फ्लाइट्स में कमी का सबसे ज़्यादा असर देश के दो सबसे बिज़ी एयरपोर्ट, दिल्ली और मुंबई पर पड़ेगा। यात्रियों के लिए बस एक ही राहत की बात है कि किसी भी रूट पर फ्लाइट्स पूरी तरह से बंद नहीं होंगी, बल्कि फ्लाइट्स की संख्या और फ्रीक्वेंसी कम की जा रही है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता के लिए फ्लाइट्स की संख्या कम हो जाएगी। फाइनेंशियल कैपिटल मुंबई एयरपोर्ट से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल के लिए फ्लाइट्स भी कम हो जाएंगी। साउथ इंडिया के शहरों से रिटर्न फ्लाइट्स पर भी असर पड़ेगा।

एविएशन एक्सपर्ट अजय जसरा ने ETV इंडिया को बताया, “मौजूदा एविएशन स्लोडाउन सिर्फ डिमांड की वजह से नहीं है, यह जियोपॉलिटिकल एनर्जी और एयरस्पेस का संकट है जो एयरलाइंस की इकोनॉमिक्स को बदल रहा है। एयरलाइंस अब एक्सपेंशन के बजाय सर्वाइवल और प्रॉफिटेबिलिटी को प्रायोरिटी दे रही हैं, और ऐसे में, सेकंड-टियर कनेक्टिविटी पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ने की संभावना है।”

उन्होंने आगे कहा, “नागपुर-बेंगलुरु, नागपुर-कोलकाता, इंदौर-अहमदाबाद, सूरत-हैदराबाद और विजाग-पुणे जैसे रूट बहुत कम प्रॉफिट मार्जिन पर ऑपरेट होते हैं और इनमें मजबूत ‘प्रीमियम ट्रैफिक’ या हाई-एंड पैसेंजर नहीं होते हैं। ईरान विवाद और एयरस्पेस में रुकावटों की वजह से फ्यूल की लागत तेजी से बढ़ने के साथ, एयरलाइंस ने अब अपने कमजोर या कम प्रॉफिटेबल सेकंड-टियर रूट्स को कम करना शुरू कर दिया है।”

जिन लोगों ने पहले ही टिकट बुक कर ली है, उनका क्या होगा?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि एयरलाइंस के इस फैसले से जिन पैसेंजर्स पर असर पड़ेगा, उनका क्या होगा? ध्यान देने वाली बात यह है कि एयरलाइंस ने इसके लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। एयर इंडिया के मुताबिक, जिन पैसेंजर्स की फ्लाइट्स पर असर पड़ेगा, उन्हें दूसरी फ्लाइट में सीट अलॉटमेंट, फ्री फ्लाइट टाइम चेंज या पूरा रिफंड दिया जाएगा।

पता चला है कि 1 जून से 31 अगस्त के बीच कैंसिल या कम की गई फ्लाइट्स को एयरलाइंस की ऑफिशियल बुकिंग वेबसाइट्स और ट्रैवल पोर्टल्स से हटा दिया गया है। पैसेंजर्स कैंसिल हुई फ्लाइट्स के लिए दोबारा टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।

क्या एयर टिकट के दाम बढ़ेंगे?

एयरलाइंस ने फ्लाइट कैंसिल होने की वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमत बताई है। फ्लाइट्स कम होने से सीटों की संख्या कम होगी और डिमांड बढ़ेगी, जिससे दाम बढ़ेंगे। एयरलाइंस ने पहले ही पैसेंजर्स पर 400-450 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगा दिया है। कई रूट्स पर किराए में 40-50 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है।

By UJAGAR

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