BJP और चुनाव आयोग की तरफ से शुरू की गई SIR के बाद बंगाल में करीब 91 लाख वोटरों के नाम छूट गए हैं। तृणमूल नेता ममता बनर्जी जी ने इसके विरोध में फिर से कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। इसी माहौल में, जिन वोटरों के नाम छूट गए थे, उनके भविष्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को अपना फैसला सुनाएगा कि छूटे हुए कानूनी वोटर वोट दे पाएंगे या नहीं। SIR के बाद पहले और दूसरे दो फेज की वोटर लिस्ट ‘फ्रीज’ कर दी गई हैं। ट्रिब्यूनल छूटे हुए नामों पर फिर से विचार करेगा। लेकिन यह कैसे और कितने समय में होगा? क्या वे इस चुनाव में वोट दे पाएंगे या नहीं? यह सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच बताएगी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर अगले सोमवार को फैसला लिया जाएगा। उस दिन पता चलेगा कि ट्रिब्यूनल से पास होने वाले नाम 2026 के विधानसभा चुनाव में वोट दे पाएंगे या नहीं। चीफ जस्टिस ने कहा कि वोट देने का अधिकार बहुत अहम मुद्दा है। सुप्रीम कोर्ट इस बात पर गंभीरता से विचार करेगा कि लोग अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें।

By UJAGAR

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