भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। अब बिहार के रास्ते नेपाल जाने वाले लोगों को केवल आधार कार्ड दिखाकर सीमा पार करने की अनुमति नहीं मिलेगी। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि वैध सरकारी पहचान पत्र के बिना किसी भी व्यक्ति को नेपाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अररिया जिले के सिकटी प्रखंड में सोनामनी गुदाम से लेकर आमबारी तक करीब 38 किलोमीटर लंबी खुली भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। सीमा से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में बढ़ी सुरक्षा चुनौतियों और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब केवल आधार कार्ड दिखाकर सीमा पार नहीं की जा सकेगी। जिन लोगों के पास अन्य मान्य दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें बॉर्डर पर रोक दिया जाएगा। नेपाल सीमा पार करने के लिए यात्रियों के पास इनमें से कोई एक वैध दस्तावेज होना अनिवार्य है—

वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card)
पासपोर्ट (Passport)
या अन्य मान्य सरकारी पहचान पत्र
सीमा क्षेत्र में बढ़ी गश्त, संदिग्धों पर विशेष नजर

एसएसबी जवानों ने सीमा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अवैध आवाजाही और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों से अपील की है कि नेपाल जाने या वहां से लौटते समय अपने साथ वैध पहचान पत्र अवश्य रखें, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन मिलकर सीमा क्षेत्र के व्यापारियों, पर्यटकों और ग्रामीणों को नए नियमों की जानकारी दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह व्यवस्था बेहद अहम साबित होगी।

By UJAGAR

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