जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल संचय जन भागीदारी–कैच द रेन’ अभियान का एंथम जारी किया है। प्रसिद्ध गायक और संगीतकार शंकर महादेवन की आवाज में तैयार किया गया यह एंथम देशभर के लोगों को बारिश की हर बूंद बचाने और जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश देता है। एंथम के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान “कैच द रेन–व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स” रखा गया है। ऊर्जावान संगीत और आसान शब्दों के जरिए नागरिकों को वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया है। एंथम में जल संरक्षण का संदेश इन पंक्तियों के जरिए दिया गया है:

“पकड़ें हम, पकड़ें हम, बारिश का पानी, लिखें हम, लिखें हम, एक नई कहानी।”

इन पंक्तियों के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया है कि बारिश का पानी केवल बहकर बर्बाद न हो, बल्कि उसे सहेजकर भविष्य के लिए सुरक्षित किया जाए। जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, जल संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार या किसी एक विभाग की नहीं है। इसके लिए नागरिकों, परिवारों, समुदायों, स्कूलों, संस्थानों, स्थानीय निकायों और उद्योगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। अभियान का उद्देश्य वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण और पुनर्जीवन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही जल संरक्षण को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जन-नेतृत्व वाले आंदोलन में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। इस एंथम के जरिए जल संरक्षण का संदेश देश के गांवों, कस्बों, स्कूलों, संस्थानों और घरों तक पहुंचाने की योजना है। खासतौर पर युवाओं को जल संरक्षण का दूत बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मंत्रालय का संदेश है कि आज बचाई गई बारिश की हर बूंद भविष्य में बेहतर भूजल स्तर, मजबूत समुदाय और जल-सुरक्षित भारत बनाने में योगदान दे सकती है। जल शक्ति मंत्रालय ने देशभर के नागरिकों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि वर्षा जल संचयन को आदत और जीवनशैली का हिस्सा बनाकर ही जल सुरक्षा के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अभियान का मूल संदेश है कि बारिश जहां और जब भी हो, उस पानी को अधिक से अधिक मात्रा में सहेजने का प्रयास किया जाए। सामूहिक भागीदारी से जल संरक्षण को एक बड़े जन आंदोलन में बदला जा सकता है। बढ़ती आबादी, शहरीकरण और भूजल के लगातार इस्तेमाल के बीच जल संरक्षण की जरूरत और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में ‘कैच द रेन’ अभियान लोगों को जल संकट के प्रति जागरूक करने और स्थानीय स्तर पर पानी बचाने के प्रयासों से जोड़ने का काम कर रहा है। जल शक्ति मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे वर्षा जल संचयन को केवल अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने घर, स्कूल, कार्यालय और समुदाय की नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनाएं। ‘जल संचय जन भागीदारी–कैच द रेन’ का एंथम YouTube पर जारी किया गया है।

By UJAGAR

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