प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार रात कोलकाता में बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन कब्जा और रंगदारी मामले में आरोपी व्यवसायी अमित गांगुली (अमित उपाध्याय/गांगुली) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अमित गांगुली को पूर्व विधायक और टीएमसी नेता देबाशीष कुमार का बेहद करीबी माना जाता है। इसके अलावा, बुधवार सुबह ED अधिकारियों ने AMP चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में कोलकाता के 6 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी अमित गांगुली लंबे समय से दक्षिण कोलकाता के विभिन्न इलाकों में रियल एस्टेट और प्रमोटिंग का कारोबार चला रहा था। उसके प्रमुख प्रोजेक्ट्स मुख्य रूप से जादवपुर, बेहाला, टॉलीगंज और गरिया में चल रहे थे। आरोप है कि वह फर्जी कागजात और फर्जी दस्तावेज (forged documents) बनाकर लोगों की कीमती जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा जमाता था और रंगदारी वसूलता था। वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नाम सामने आने के बाद केंद्रीय एजेंसी ED ने इस केस की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच अधिकारियों ने हाल ही में अमित गांगुली के आवास और ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान मिले अहम सबूतों के आधार पर पूछताछ के बाद मंगलवार रात कोलकाता स्थित उनके आवास से उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। रिएल एस्टेट कारोबारी अमित गांगुली की गिरफ्तारी से पूर्व विधायक और तृणमूल कांग्रेस नेता देबाशीष कुमार की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जांच में देबाशीष कुमार के साथ गांगुली के करीबी संबंधों की बात सामने आ रही है, जिससे इस मामले का सीधा जुड़ाव राजनीतिक गलियारों से भी देखा जा रहा है। दूसरी तरफ, ED की एक अन्य टीम ने बुधवार सुबह AMP चिटफंड धोखाधड़ी मामले में शहरभर में बड़ी कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने सबसे पहले नारकेलडांगा इलाके में स्थित एक कारोबारी के आवास पर धावा बोला। आरोप है कि चिटफंड के जरिए जुटाए गए काले धन को इस कारोबारी के जरिए सफेद (Money Laundering) किया जाता था। इस मामले में ECIR दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी लगातार कोलकाता में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
