संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को भी गतिरोध जारी रहा। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। अब लोकसभा की अगली बैठक बुधवार सुबह 11 बजे होगी। सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष की मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित होकर जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर बयान दें। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर होता है, लेकिन लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। हंगामा नहीं थमने पर अध्यक्ष ने पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की। दोबारा बैठक शुरू होने पर भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया, जिसके बाद कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस बार संसद का मानसून सत्र लगातार राजनीतिक टकराव के कारण प्रभावित हो रहा है। विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। इनमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और अन्य सार्वजनिक मुद्दे प्रमुख हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार को इन मामलों पर सदन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। सोमवार को भी विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया था। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने हंगामे के बीच विधेयक सदन में पेश किया। पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा और विधेयक पारित हो गया।

By UJAGAR

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