पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 18 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों की घोषणा की है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (नवान्न) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और जनहित केंद्रित बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक रहीं नंदिनी चक्रवर्ती को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव-प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण नियुक्ति माना जा रहा है। NSATI के अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर कार्यरत राजीव कुमार को अब तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। माना जा रहा है कि राज्य में कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को गति देने में उनकी भूमिका अहम होगी। जलपाईगुड़ी संभाग के संभागीय आयुक्त अनूप कुमार अग्रवाल को पदोन्नति देते हुए कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र (MSME & Textiles) विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य प्रशासन में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के सचिव रहे जगदीश प्रसाद मीणा को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का नया सचिव बनाया गया है। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव परवेज अहमद सिद्दीकी को राज्य गजेटियर्स का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव मौमिता गोदारा बसु को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ सामाजिक कल्याण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मिलेगा। डॉ. रवि इंदर सिंह को परिवहन विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं सुरेंद्र गुप्ता को भूमि एवं भूमि सुधार तथा शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीलम मीणा को पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आर. विमला को उत्तर बंगाल विकास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। रचना भगत को श्रम विभाग की सचिव और मुक्ता आर्य को सुंदरवन मामले विभाग की सचिव बनाया गया है। इन नियुक्तियों से क्षेत्रीय विकास और प्रशासनिक कार्यों में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। राजेश कुमार सिन्हा को सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। रणधीर कुमार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि राजू मिश्रा को नया आबकारी आयुक्त (Excise Commissioner) बनाया गया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभी नियुक्तियां और तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे तथा अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े फेरबदल के जरिए राज्य सरकार विभिन्न विभागों में कार्यक्षमता बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को तेज करने की कोशिश कर रही है।
इस फेरबदल में कई वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के विभागों को बदला गया है और कुछ को अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) सौंपे गए हैं:
नीलम मीना: वर्तमान में राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नीलम मीना को उनके मौजूदा पद के साथ-साथ **पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव (Principal Secretary) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
नंदिनी चक्रवर्ती: राज्य की पूर्व मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में विकासात्मक कार्यों की प्रधान समन्वयक (Principal Coordinator) नंदिनी चक्रवर्ती को अब विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (Science & Technology and Bio-Technology Department) के साथ-साथ आवास विभाग (Housing Department) का अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नियुक्त किया गया है।
सौमित्र मोहन: राज्यपाल के सचिव सौमित्र मोहन को एक और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वे अब अपने वर्तमान पद के साथ सूचना और संस्कृति विभाग (Information and Cultural Affairs) के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगे।
जगदीश प्रसाद मीना: महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव पद से हटाकर उन्हें अब खाद्य एवं खाद्य आपूर्ति विभाग (Food & Supplies Department) का नया सचिव बनाया गया है।
रविइंदर सिंह: स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार विभाग में तैनात रविइंदर सिंह को अब परिवहन विभाग (Transport Department) के सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।
मौमिता गोदारा: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव मौमिता गोदारा को अब महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
राजेश कुमार सिन्हा: आवास विभाग सहित कई विभागों के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत राजेश कुमार सिन्हा को अब सिंचाई और जलमार्ग विभाग (Irrigation and Waterways) का सचिव बनाकर भेजा गया है।
आर. विमला: WBSIDC की मैनेजिंग डायरेक्टर आर. विमला को अब उत्तर बंगाल विकास विभाग (North Bengal Development) का सचिव नियुक्त किया गया है।
मुक्ता आर्य: उद्योग और वाणिज्य विभाग की सचिव मुक्ता आर्य का तबादला कर उन्हें सुंदरबन मामलों के विभाग का सचिव बनाया गया है।
गौरतलब है कि नबन्ना ने यह कदम पुलिस प्रशासन में किए गए एक ऐतिहासिक फेरबदल के ठीक बाद उठाया है। इससे पहले, बीती 8 जून को राज्य सरकार ने एक साथ 179 पुलिस अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की थी। उस बड़े फेरबदल में कोलकाता पुलिस, हावड़ा पुलिस आयुक्तालय, सीआईडी (CID), एसटीएफ (STF) सहित कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (Addl SP) को बदला गया था। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य की नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कामकाज में तेजी लाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्रशासनिक पकड़ को मजबूत करने के लिए ही नबन्ना की ओर से पुलिस के बाद अब नौकरशाही (Bureaucracy) के स्तर पर यह बड़ी सर्जरी की गई है।
