भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक मंगलवार, 11 अगस्त को आयोजित होगी। कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में शुरू होगा। लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सांसदों की बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। उपलब्ध सार्वजनिक सूचना में मंगलवार की बैठक का विस्तृत विषयवार एजेंडा नहीं बताया गया है। ‘मंगल मिलन’ एनडीए सांसदों के बीच संसदीय समन्वय, गठबंधन संवाद और सदन की रणनीति पर चर्चा के नियमित मंच के रूप में आयोजित किया जाता है। पिछली बैठकों में भी संसदीय रणनीति और गठबंधन के भीतर समन्वय पर चर्चा हुई थी। इससे पहले शुक्रवार, 7 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर एनडीए के 40 से अधिक सांसदों के साथ नाश्ते पर संवाद किया था। बैठक में स्वास्थ्य, संसदीय आचरण, जनसेवा, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और व्यक्तिगत तथा आधिकारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन पर चर्चा हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में शामिल सांसदों की संख्या करीब 41 से 45 के बीच बताई गई है। इसलिए प्रकाशित खबर में किसी एक निश्चित संख्या के बजाय “40 से अधिक एनडीए सांसद” लिखना अधिक सुरक्षित और तथ्यपरक रहेगा। प्रधानमंत्री ने सांसदों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने नियमित योग को दिनचर्या में शामिल करने और बहुत व्यस्त रहने पर कुर्सी पर बैठकर भी कुछ मिनट के सरल योग अभ्यास करने की सलाह दी। पीएम मोदी का संदेश था कि बेहतर स्वास्थ्य सांसदों को जनता के लिए अधिक सक्रियता से काम करने में मदद करेगा। कुछ सांसदों के अनुसार 40 वर्ष से अधिक उम्र वालों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह भी दी गई। प्रधानमंत्री ने नए और पहली बार निर्वाचित सांसदों से संसद को सीखने के संस्थान की तरह देखने को कहा। उन्होंने संसदीय इतिहास का अध्ययन करने, पुरानी बहसों और विधायी परंपराओं को समझने तथा संसद पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। इस सलाह का उद्देश्य सांसदों को सदन की कार्यप्रणाली, नियमों और ऐतिहासिक बहसों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करना बताया गया। प्रधानमंत्री ने इससे पहले भी संसद को एक बड़े मुक्त विश्वविद्यालय के रूप में वर्णित किया है, जहां सदस्य राष्ट्रीय जीवन के विभिन्न पहलुओं से सीखते हैं। पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि सदन में बहस, नारेबाजी या तनावपूर्ण माहौल का प्रभाव उनके बाहरी व्यवहार और व्यक्तिगत संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के साथ स्वस्थ संबंध बनाए रखने तथा असहमति को शांति और संयम से रखने की सलाह दी। उन्होंने सांसदों से किसी विषय पर गुस्से में बोलने या चिल्लाने के बजाय गठबंधन और पार्टी की नीति को स्पष्ट एवं शांत तरीके से सामने रखने को कहा। प्रधानमंत्री ने सांसदों को टेलीविजन बहसों और सार्वजनिक बयानों में अनुचित टिप्पणियों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मीडिया से बातचीत के दौरान भाषा और व्यवहार दोनों में गरिमा दिखाई देनी चाहिए। सोशल मीडिया को लेकर उन्होंने सांसदों से फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग युवाओं से संवाद करने, सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करने और खेल तथा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए करने को कहा। साथ ही तकनीक के जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर दिया गया। नाश्ता बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपने राज्य या निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सीधे संपर्क करने को कहा। उन्होंने एनडीए को एक परिवार के रूप में बताते हुए जन कल्याण को गठबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। बैठक में शामिल सांसदों ने बातचीत को सौहार्दपूर्ण बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने गठबंधन की सामूहिक पहचान तथा मिलकर काम करने पर जोर दिया। सांसदों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री से कई जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने के बारे में भी सवाल पूछा गया। उन्होंने वर्तमान क्षण पर पूरी तरह केंद्रित रहने को अपनी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। यह सलाह सांसदों के लिए समय प्रबंधन, संसदीय कार्य और निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारियों के बीच स्पष्ट प्राथमिकता तय करने से जुड़ी थी। 11 अगस्त की ‘मंगल मिलन’ बैठक का विस्तृत आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं हुआ है। नियमित प्रारूप को देखते हुए संसदीय समन्वय, गठबंधन के घटक दलों के बीच संवाद और सांसदों की सदन में भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन किसी विशिष्ट मुद्दे को बैठक के एजेंडे का हिस्सा मानना आधिकारिक जानकारी के बिना अनुमान होगा। बैठक समाप्त होने के बाद वरिष्ठ नेताओं या संसदीय कार्य से जुड़े पदाधिकारियों की ब्रीफिंग से वास्तविक चर्चा और लिए गए निर्णयों की जानकारी सामने आ सकती है।
