नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कम से कम 98 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 384 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 105 भारतीय पर्यटक शामिल होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। आपदा के बाद भारत में भी चिंता बढ़ गई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों समेत नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने नेपाल में हुई इस भयावह घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत और पश्चिम बंगाल के लोग नेपाल के साथ खड़े हैं। उन्होंने नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। शुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल तीर्थयात्रियों समेत 100 से अधिक भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर बेहद चिंताजनक है। पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि नेपाल में प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क कर उनकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए भारतीय दूतावास की ओर से आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए गए हैं।

भारतीय दूतावास हेल्पलाइन:

  • +977 985 131 6807
  • +977 970 910 7500

प्रभावित भारतीय नागरिक या उनके परिजन इन नंबरों पर संपर्क करके जरूरी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों की मदद के लिए भवानी भवन में अलग पुलिस कंट्रोल रूम शुरू किया है।

पुलिस कंट्रोल रूम:

  • 03324793311
  • 9147890181

सरकार इन नंबरों के जरिए नेपाल में फंसे या लापता पश्चिम बंगाल के नागरिकों से संबंधित जानकारी जुटा रही है। शुवेंदु अधिकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल सरकार काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और नेपाल के संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। नेपाल में पश्चिम बंगाल से गए लापता या प्रभावित लोगों की सटीक संख्या का पता लगाया जा रहा है। उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन भी किया जा रहा है, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके। नेपाल में आई आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। भारत की ओर से भी नेपाल में मौजूद नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिजनों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एजेंसियां समन्वय कर रही हैं। फिलहाल लापता भारतीय नागरिकों को लेकर जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर प्राथमिकता दी जा रही है।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *