नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए कोलकाता के पर्यटक दल से संपर्क टूट गया है। 30 पर्यटकों और 2 टूर मैनेजरों का यह दल 21 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुआ था। एक सदस्य के रेस्क्यू की जानकारी सामने आई है, जबकि बाकी 31 लोगों की तलाश जारी है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। इसी बीच कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया कोलकाता की ट्रैवल एजेंसी ‘चलो जाई’ का पर्यटक दल संकट में फंस गया है। बुधवार सुबह से दल के अधिकांश सदस्यों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोलकाता, कसबा, दुर्गापुर, चंदननगर और बारासात समेत पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों से 30 पर्यटक और 2 टूर मैनेजर 21 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुए थे। दल में अमेरिका में रहने वाला एक भारतीय नागरिक भी शामिल बताया जा रहा है। टूर मैनेजरों के मुताबिक, 26 अगस्त की सुबह दल को नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय के लिए होटल से रवाना होना था। सुबह करीब 8 बजे के बाद उनसे संपर्क टूट गया। इसके बाद परिवारों की चिंता बढ़ गई। प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित इलाके में मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था पूरी तरह बाधित होने की जानकारी है। वहीं, बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में लापता यात्रियों तक पहुंचना राहत और बचाव टीमों के लिए चुनौती बना हुआ है। इस बीच दुर्गापुर के एक परिवार के माध्यम से जानकारी सामने आई है कि दल की सदस्य मौसमी गांगुली को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उनके पति समेत बाकी 31 सदस्यों के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। लापता यात्रियों की तलाश और स्थिति का जायजा लेने के लिए ‘चलो जाई’ ट्रैवल एजेंसी के चार प्रतिनिधि विमान से नेपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। टीम स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करने के साथ यात्रियों की जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी। लापता यात्रियों के परिजन लगातार ट्रैवल एजेंसी के कार्यालय पहुंचकर अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी ले रहे हैं। संपर्क नहीं होने के कारण परिवारों में बेचैनी का माहौल है और सभी अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। लापता यात्रियों की तलाश और उनके परिजनों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास की ओर से विशेष हेल्पलाइन शुरू किए जाने की जानकारी है। अब परिवारों और ट्रैवल एजेंसी की नजर राहत-बचाव अभियान और यात्रियों से दोबारा संपर्क स्थापित होने पर है।

By UJAGAR

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