राहुल गांधी के 6 घंटे धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र साहिल की FIR दर्ज कर ली। लेकिन मामला अज्ञात के विरुद्ध दर्ज किया गया है। साहिल का आरोप है कि पैलेट गन के छर्रे लगने से उसकी आंख की रोशनी चली गई। FIR दर्ज करवाने तक राहुल संसद मार्ग थाने के बाहर ही बैठे रहे और FIR के बाद छात्र के साथ थाने से निकले। राहुल शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे थाने पहुंचे थे। जब राहुल की मांग नहीं मानी गई, तो वे DCP से मिले। बातचीत का नतीजा न निकलने पर धरने पर बैठ गए। बोले- जब तक FIR दर्ज नहीं होगी, हटूंगा नहीं। राहुल ने साहिल को लगे छर्रे दिखाकर कहा था- ‘ये छर्रे सबूत हैं, साहिल के शरीर से निकले हैं। अगर पुलिस ने गन नहीं चलाई तो किसने चलाई?’ राहुल के साथ प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश भी मौजूद थे। FIR दर्ज होने के बाद राहुल ने कहा कि जब दिल्ली में इतने घंटे धरना देना पड़ा तो देश के बाकी हिस्सों में छात्रों और रेप पीड़ितों का क्या हाल होगा। भाजपा ने राहुल के धरने पर कहा कि वे मीडियाजीवी हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट में है और जांच कमेटी भी बना दी गई है। भाजपा महासचिव स्मृति ने कहा कि सुरक्षाबलों पर भी हमला हुआ था, उनके लिए राहुल ने नहीं बोला। राहुल गांधी ने थाने से निकलते समय पैलेट गन मामले में FIR दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ऊपर से न्याय में रुकावट डाली जा रही थी। राहुल बोले— यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। इस युवक के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है।
