राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं. सरकार ने प्रदेश में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ (One State, One Election) का फार्मूला लागू करने पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है. कैबिनेट बैठक में लिए गए इन अहम फैसलों की जानकारी डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, कानून मंत्री जोगाराम पटेल और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी. कैबिनेट ने प्रदेश में बार-बार चुनाव कराने की प्रक्रिया से बचने के लिए ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव को पारित कर दिया है. इस फैसले के तहत, नवंबर तक अपना कार्यकाल पूरा करने वाले सभी पंचायतों और शहरी निकायों के चुनाव अब एक साथ कराए जाएंगे. सरकार ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कराने में माननीय न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा. बैठक में स्थानीय चुनावों में आरक्षण की तस्वीर भी साफ कर दी गई है. कैबिनेट ने ओबीसी (OBC) आयोग की रिपोर्ट को अपनी मंजूरी दे दी है. इस रिपोर्ट के आधार पर ही आरक्षण तय कर राज्य निर्वाचन आयोग को सिफारिश भेजी जाएगी. इसके साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए नगर निकायों में 33 प्रतिशत और पंचायतीराज संस्थाओं में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण के अनुसार सीटों का निर्धारण किया जाएगा. कर्मचारियों और मजदूरों के हित में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने ‘राज्य मजदूरी संहिता-2026’ को मंजूरी दे दी है. नए नियमों के तहत अब साल में दो बार वेतन संशोधन किया जाएगा. कर्मचारियों को वेतन पर्ची (Salary Slip) देना अनिवार्य होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ‘एग्रो फूड प्रोसेसिंग नीति-2026’ को भी अपनी हरी झंडी दे दी है. इस नीति का मुख्य फोकस राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और किसानों की आय में इजाफा करना है.

By UJAGAR

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