डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 21 दिन की पैरोल/फरलो की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही वर्ष 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद से वह 17वीं बार जेल से बाहर आए हैं। राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे हैं और इस बार उनके सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्य आश्रम में रहने की जानकारी सामने आई है। राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो मिलने का मुद्दा पहले भी राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, 2020 के बाद से उन्हें अलग-अलग अवधि के लिए कई बार जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। 21 दिन की ताजा राहत के साथ उनकी यह 17वीं रिहाई मानी जा रही है। पिछले कई मौकों पर पैरोल या फरलो के दौरान राम रहीम को उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम भेजा जाता रहा था। हालांकि इस बार उन्हें सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्य आश्रम में रहने की अनुमति दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह लगातार तीसरा मौका है जब उन्हें सिरसा आश्रम जाने की अनुमति मिली है। गुरमीत राम रहीम सिंह को दो साध्वियों के यौन शोषण के मामलों में विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी ठहराया था। दोनों मामलों में उन्हें 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों सजाएं एक साथ नहीं बल्कि क्रमवार पूरी की जानी हैं, जिसके कारण कुल सजा की अवधि 20 साल है। राम रहीम पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में भी दोषी ठहराए जा चुके हैं। इसके अलावा डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह हत्या मामले से भी उनका नाम जुड़ा रहा है और इस संबंध में अदालत की कार्यवाही तथा फैसलों को लेकर मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। राम रहीम को लगातार पैरोल या फरलो मिलने को लेकर विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने समय-समय पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर यह तर्क दिया जाता रहा है कि पात्र कैदियों को नियमों और निर्धारित शर्तों के आधार पर राहत दी जा सकती है। ताजा 21 दिन की राहत के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

By UJAGAR

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