पश्चिम बंगाल का संदेशखाली एक बार फिर भारी तनाव और चर्चा के केंद्र में है। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इलाके में एक बड़ा अभियान (Sandeshkhali STF Raid) चलाते हुए भारी मात्रा में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया है। इस छापेमारी का मुख्य केंद्र संदेशखाली के मणिपुर इलाके के दो प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता रॉबिन दास और उनका भाई गोपाल दास थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों भाई लंबे समय से संदेशखाली के मुख्य आरोपी शेख शाहजहां (Sheikh Shahjahan) के बेहद करीबी और वफादार माने जाते हैं। इसी इनपुट के आधार पर जांचकर्ताओं ने उनके घर और आसपास के इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया था। जांचकर्ताओं का यह अभियान सिर्फ घर के कमरों तक ही सीमित नहीं रहा। जब एसटीएफ ने शक के आधार पर घर से सटे तालाब (पोखरे) को खंगालना शुरू किया, तो वहां छिपाकर रखे गए हथियारों को देखकर हर कोई दंग रह गया। तालाब के पानी के अंदर से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। हालांकि, हथियार किस श्रेणी के हैं और उनकी सटीक संख्या कितनी है, इस बारे में जांच एजेंसी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन प्राथमिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इलाके में बड़ी अशांति फैलाने और हिंसा की साजिश रचने के मकसद से ही इन खतरनाक हथियारों को यहां छिपाकर रखा गया था। तालाब से हथियार मिलने की खबर जैसे ही संदेशखाली में फैली, पूरे इलाके में भारी सनसनी और तनाव फैल गया। मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा होने लगी। स्थिति को बिगड़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत अतिरिक्त बल बुलाया गया। इस छापेमारी में एसटीएफ के साथ संदेशखाली थाने की पुलिस और भारी संख्या में केंद्रीय बलों (Central Forces) के जवानों को तैनात किया गया था। कड़े सुरक्षा घेरे के बीच जांच दल अभी भी इलाके के विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाने में लगा हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रॉबिन दास और गोपाल दास का इलाके में लंबे समय से एकतरफा दबदबा था। वे शेख शाहजहां के रसूख का इस्तेमाल कर आम जनता को डराते-धमकाते थे। इतना ही नहीं, पूर्व में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर अत्याचार करने तथा उन्हें राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करने के कई गंभीर आरोप भी इन दोनों भाइयों पर लग चुके हैं। हथियारों की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद बंगाल में राजनीतिक युद्ध शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सरकार को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी के फायरब्रैंड नेता और विधायक सजल घोष ने तंज कसते हुए कहा:”अब तक लोग जानते थे कि तालाब से मछलियां पकड़ी जाती हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में अब तालाबों से हथियार बरामद हो रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि राज्य के कोने-कोने में टीएमसी ने क्या हालात बना दिए हैं।” सजल घोष ने यह आशंका भी जताई कि अगर आगामी चुनावों के नतीजे सत्तारूढ़ दल के मनमुताबिक नहीं आते, तो इन हथियारों का इस्तेमाल आम जनता पर हमला करने और उनका खून बहाने के लिए किया जा सकता था। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी तरफ, इस बेहद संवेदनशील मामले और हथियारों की बरामदगी पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने नहीं आई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इन हथियारों के स्रोत और मुख्य साजिशकर्ताओं के बारे में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

By UJAGAR

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