राज्य सरकार के कर्मचारियों के DA से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने आदेश दिया है कि जिन कर्मचारियों को अभी तक उनका बकाया DA नहीं मिला है, उनकी लिस्ट कल (बुधवार) सुप्रीम कोर्ट में जमा की जाए। DA मामले की सुनवाई मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई थी। यह घोषणा राज्य सरकार ने आज टॉप कोर्ट में की। राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बकाया DA की रकम के तौर पर 7,700 करोड़ रुपये से ज़्यादा का पेमेंट पहले ही कर चुकी है। यानी, तुषार मेहता के शब्दों में, “रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा कमेटी की सिफारिश के मुताबिक, महंगाई भत्ते का 65 परसेंट पेमेंट पहले ही किया जा चुका है। बाकी बकाया DA का पैसा भेजने की तैयारी चल रही है।” लेकिन सरकारी कर्मचारियों के एक ग्रुप के वकील करुणा नंदी और फिरदौस शमीम ने आज दावा किया कि कई कर्मचारियों को अभी तक वह पैसा नहीं मिला है। कोर्ट ने पहले कहा था कि सभी सरकारी कर्मचारियों को उनका बकाया DA दिया जाना चाहिए। लेकिन सभी को पैसा नहीं मिला है।
फिर जस्टिस संजय करोल ने कहा, “रिपोर्ट के मुताबिक, 7,700 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। लेकिन, जिन कर्मचारियों को अभी तक उनका बकाया DA नहीं मिला है, उनकी लिस्ट दी जानी चाहिए। केस करने वालों को वह लिस्ट कोर्ट में जमा करनी चाहिए।” इसके साथ ही केस करने वालों ने कहा कि उनके महंगाई भत्ते का पैसा उनके प्रोविडेंट फंड (PF) अकाउंट में दिया जाएगा। लेकिन सरकारी कर्मचारी वह पैसा 2 साल से पहले नहीं निकाल पाएंगे। यह दो साल का लॉकिंग पीरियड क्यों रखा गया है? सब कुछ सुनने के बाद जज ने इस पर भी सवाल उठाए। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर में इस ऑर्डर का ज़िक्र नहीं था। बेंच ने राज्य से सभी मुद्दे जानने को कहा है। मामले की कल फिर सुनवाई होगी। उसके बाद ही कोर्ट उन कर्मचारियों पर कोई फैसला लेगा। “राज्य सरकार से मदद पाने वाले या सरकार से मदद पाने वाले (ग्रांट-इन-एड) कर्मचारियों को अभी तक महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा है? ABTA (ऑल बंगाल टीचर्स एसोसिएशन) ने ROPA रूल 2009 के तहत 14 अगस्त को कलकत्ता हाई कोर्ट में एक केस फाइल किया था। यह केस जस्टिस अमृता सिन्हा की बेंच के सामने फाइल किया गया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, राज्य ने ग्रांट-इन-एड कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने के लिए ज़रूरी काम पहले ही शुरू कर दिया है।
