पांडवेश्वर विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार में बच्चों के इस्तेमाल के आरोपों पर हंगामा मचा हुआ है। BJP उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी हिरासत में हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ । इसमें पांडवेश्वर BJP उम्मीदवार छोटे बच्चों के एक ग्रुप के साथ खड़े होकर राजनीतिक नारे लगाते दिख रहे हैं। उनके साथ बच्चे भी ‘जय श्री राम’ और ‘कमल के फूल को वोट दें’ और ‘नरेंद्र मोदी को वोट दें’ के नारे लगा रहे हैं। वीडियो सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में विवाद का तूफान खड़ा हो गया है। हालांकि, जितेंद्र ने इस घटना में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, ‘चुनाव प्रचार के दौरान कुछ बच्चे सामने आ गए। मैं उन्हें कैसे हटा सकता हूं? छोटे बच्चों को राजनीति के बारे में कुछ नहीं पता होता। उन्होंने अपने तरीके से नारे लगाए हैं। मैं उन्हें भगाऊंगा या नहीं?’ BJP उम्मीदवार के अपना नाम साफ करने के बाद भी राजनीतिक गलियारों में विवाद थम नहीं रहा है। कई लोगों को लगता है कि राजनीतिक मकसद के लिए इस तरह बच्चों का इस्तेमाल करना वोटिंग के लिए आदर्श आचार संहिता का पालन नहीं करना है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, कोई भी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार चुनाव प्रचार में बच्चों का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने इस घटना का कड़ा विरोध किया है। तृणमूल के जिला सचिव पंकज रॉय सरकार ने पहले ही जितेंद्र तिवारी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। पंकज रॉय सरकार ने कहा, “BJP उम्मीदवार ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उन्होंने बच्चों के साथ राजनीतिक नारे लगाए। ऐसा नहीं किया जा सकता।”

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