नई दिल्ली: 60 दिन का तेल और 30 दिन का एक्स्ट्रा कुकिंग गैस का स्टॉक है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। अब तक हालात चिंताजनक बताने के बाद केंद्र ने गुरुवार को अचानक सारे कयासों को खारिज कर दिया। कहा गया है कि एनर्जी के मामले में भारत आत्मनिर्भर है। सभी देशों में भारत सबसे स्थिर और सुरक्षित स्थिति में है। सवाल उठता है कि फिर प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले कई बार क्यों कहा कि हमें कोरोना काल जैसे संकट का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कहा कि हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने देशवासियों से कोरोना काल जैसे संकट का सामना करने के लिए तैयार रहने की अपील की। इस तरह उन्होंने बार-बार संयम और धैर्य रखने और एकजुट होकर समस्या का सामना करने का संदेश दिया। इससे कयास लगने लगे कि क्या फिर कोई कड़ा फैसला होने वाला है? यहां तक कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान अपना डर जाहिर करते हुए कहा था कि क्या पता, सुनने में आ रहा है कि वे फिर से लॉकडाउन भी लगा सकते हैं। वे सिर्फ नोटबंदी और वोटबंदी जैसे काम ही कर सकते हैं। सरकारी तेल कंपनियों के पास कितना तेल स्टॉक में है और कब तक रहेगा, इस बारे में भी अटकलें और अंदाज़े बढ़ रहे हैं। इस बीच, गुरुवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने अचानक अपनी हिचकिचाहट और सावधानी वाला रुख छोड़कर बिल्कुल उलटा रुख बताया। कुछ दिन पहले जहां प्रधानमंत्री ने कहा था कि हालात चिंताजनक हैं, वहीं आज पेट्रोलियम मंत्रालय ने दावा किया कि फ्यूल संकट को लेकर बहुत झूठा प्रचार किया जा रहा है। उनके मुताबिक, देश में ज़रा भी फ्यूल संकट नहीं है। गुरुवार को मंत्रालय ने कहा कि देशवासी निश्चिंत रह सकते हैं। सरकार के पास 2 महीने का कच्चा तेल स्टॉक में है। कुकिंग गैस का एक महीने का रिज़र्व है। इसके अलावा, कुकिंग गैस का प्रोडक्शन सामान्य से 40 परसेंट ज़्यादा हो गया है। मंत्रालय भरोसा दिलाता है कि कुकिंग गैस को लेकर सभी शिकायतों और अफवाहों में कोई दम नहीं है। अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से 8 लाख मीट्रिक टन LPG कार्गो जहाज भारत आ रहे हैं। वे कुछ ही दिनों में आ जाएंगे। इसलिए रिज़र्व और बढ़ेगा। फिर पेट्रोल पंपों पर इतनी भीड़ क्यों है? पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा है कि यह ट्रेंड एक प्लान्ड अफवाह के अलावा और कुछ नहीं है। क्योंकि देश के 1 लाख से ज़्यादा पेट्रोल पंप आउटलेट्स में से किसी में भी तेल की कोई कमी नहीं है। मिनिस्ट्री ने कहा है कि इस मुश्किल हालात में भी हमें कोई क्राइसिस नहीं है।
