विधानसभा चुनाव में एडमिनिस्ट्रेटिव तालमेल को और मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर के ऑफिस के निर्देश पर IAS ऑफिसर बिभू गोयल को एडिशनल चीफ इलेक्शन ऑफिसर अपॉइंट किया गया है। इसके साथ ही उन्हें नोडल ऑफिसर की जिम्मेदारी भी दी गई है। इस बारे में आज एक निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में यह भी कहा गया है कि उन्हें यह जिम्मेदारी तुरंत संभालनी होगी। निर्देश में कहा गया है कि उन्हें अपीलेट ट्रिब्यूनल से जुड़े अलग-अलग मामलों पर हाई कोर्ट के जजों के साथ तालमेल बनाए रखने की अहम जिम्मेदारी दी गई है। वह चुनाव आयोग, अपीलेट ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट के बीच कम्युनिकेशन बनाए रखने का काम करेंगे। जजों तक चुनाव आयोग के निर्देश और अपडेट जल्दी पहुंचाने के अलावा, वह ट्रिब्यूनल के इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स की तैयारी की निगरानी करेंगे। वह अलग-अलग जिलों के एप्लीकेशन से जुड़ी जानकारी पर भी नज़र रखेंगे। सूत्रों के मुताबिक, यह नियुक्ति कलकत्ता हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के अनुरोध पर की गई है। यह कदम यह पक्का करने के लिए उठाया गया है कि अपीलेट ट्रिब्यूनल का काम कॉस्ट-इफेक्टिव और ट्रांसपेरेंट तरीके से हो।
बिभू गोयल की क्या ज़िम्मेदारियाँ हैं?
जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक, नए एडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के तौर पर बिभू गोयल की मुख्य ज़िम्मेदारियाँ हैं—
इलेक्शन कमीशन, अपीलेट ट्रिब्यूनल के तौर पर नियुक्त जजों और कलकत्ता हाई कोर्ट के बीच सिंगल कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम करना।
जजों को चुनाव से जुड़े सभी निर्देश और अपडेट तुरंत देना।
ट्रिब्यूनल के इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी और टेक्निकल तैयारी की निगरानी करना।
इलेक्शन कमीशन पोर्टल पर एप्लीकेशन अपलोड होने के स्टेटस पर नज़र रखना।
जजों के मानदेय, प्रोसेस और पेमेंट में तालमेल बिठाना।
जजों की शिकायतों और सवालों का तुरंत निपटारा करना।
अपीलेट ट्रिब्यूनल की तैयारी और प्रोग्रेस के बारे में हाई कोर्ट को जानकारी देना।
इस बीच, इलेक्शन कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, फैसले के प्रोसेस में प्रोग्रेस हुई है। कुल 60 लाख 6 हज़ार 675 नामों में से आज दोपहर 12 बजे तक करीब 59 लाख 15 हज़ार नामों का निपटारा हो चुका है। हालांकि, खबर है कि दोपहर तक यह संख्या बढ़कर करीब 60 लाख हो गई है। दूसरी तरफ, खबर है कि बहुत इंतज़ार किया जा रहा अपीलेट ट्रिब्यूनल भी तैयार हो गया है। उम्मीद है कि ट्रिब्यूनल से अपील के मामलों को निपटाने का काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। इसके चलते वोटर लिस्ट को लेकर जो अनिश्चितता है, वह काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
