पश्चिम एशिया में अस्थिर स्थिति जैसे-जैसे और जटिल होती जा रही है, क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही, बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। जहां नेविगेशन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दुनिया के कई नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप। फिर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों। मोदी जी ने दोनों से अलग-अलग फोन पर बात की। दोनों ही मामलों में चर्चा का मुख्य फोकस पश्चिम एशिया में अस्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा था। कुछ दिन पहले ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत में उन्होंने मोदी को दोस्त बताया था। ट्रंप ने कहा, ‘मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं। वह अच्छा काम कर रहे हैं। हमारी अच्छी चर्चा हुई।’ इस बीच, गुरुवार को मोदी जी और मैक्रों के बीच एक और महत्वपूर्ण फोन पर बातचीत हुई। प्रधानमंत्री जी ने खुद कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने उन्हें फोन किया। चर्चा पश्चिम एशिया और खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा स्थिति पर केंद्रित थी। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि अब इस ज़रूरी समुद्री रास्ते में जल्द से जल्द सुरक्षा पक्का करना और बिना रुकावट के नेविगेशन बहाल करना बहुत ज़रूरी है। मोदी जी ने कहा कि मैक्रों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने न सिर्फ़ वेस्ट एशिया बल्कि पूरे इलाके के हालात पर भी बात की। इसके अलावा, दोनों नेता शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते रहने पर भी सहमत हुए। गौरतलब है कि इज़राइल और लेबनान नॉर्थ एशिया में टकराव से जुड़ी समस्याओं में 10 दिन के सीज़फ़ायर पर राज़ी हो गए हैं। US प्रेसिडेंट ने गुरुवार को यह ऐलान किया। US प्रेसिडेंट ने कहा, ‘लेबनान के प्रेसिडेंट जोसेफ़ आउन और इज़राइल के प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई। मैं दोनों नेताओं को बहुत जल्द वॉशिंगटन बुलाऊंगा।’

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