गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा जी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पवन खेड़ा जी ने असम सीएम की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा जी द्वारा दर्ज एक आपराधिक मामले में कोर्ट से जमानत मांगी थी। हिमंत बिस्वा सरमा जी की पत्नी ने यह मामला कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियों से जुड़े पवन खेड़ा के आरोपों को लेकर दायर किया था। कोर्ट में मंगलवार को पवन खेड़ा की तरफ से सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी और केएन चौधरी पेश हुए। वहीं, असम सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया पेश हुए। इस मामले को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट में मंगलवार को करीब तीन घंटे तक सुनवाई चली थी। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि याचिकाकर्ता के भागने का कोई खतरा नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने ये भी तर्क दिया था कि यह ज्यादा से ज्यादा एक आपराधिक मानहानि का मामला है, जिसे केवल एक निजी शिकायत के जरिए ही आगे बढ़ाया जा सकता है। वहीं, असम सरकार की तरफ से पेश हुए एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने कोर्ट में तर्क दिया था कि यह कोई साधारण मानहानि का मामला नहीं है। उन्होंने कहा था कि इसमें मुख्य अपराध धोखाधड़ी और जालसाजी हैं। बता दें कि पवन खेड़ा जी ने 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम सीएम की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा जी पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा जी के आरोपों के अगले ही दिन रिंकी भुइयां सरमा जी ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में पवन खेड़ा जी और अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया था।
