मध्य प्रदेश में नाव पलटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। रात भर चले सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव मिलने के बाद यह संख्या और बढ़ गई। गुरुवार शाम को जबलपुर के पास बरगी डैम में कम से कम 29 यात्रियों और दो नाविकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की टीमों ने रात भर सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें लापता लोगों की तलाश की गई और डूबी हुई नाव को बचाने की कोशिश की गई। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन में तेज़ी आई, जिसमें क्रेन समेत भारी मशीनरी का इस्तेमाल नाव को पानी से निकालने के लिए किया गया। अधिकारियों ने कहा कि जब तक नाव पूरी तरह से बरामद नहीं हो जाती, तब तक हताहतों की सही संख्या कन्फर्म नहीं की जा सकती। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, 22 लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन कई और लापता बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है। मंत्री समेत टॉप पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी के लिए रात भर मौके पर मौजूद थे। चश्मदीदों ने बताया कि मौसम अचानक बदल गया। क्रूज़ शिप एक तेज़ तूफ़ान में गिर गया। तेज़ हवा के ज़ोर के कारण उसका कंट्रोल खो गया। पैसेंजर लॉन्च का बैलेंस बिगड़ गया और वह पानी में डूब गया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “बरगी डैम पर क्रूज़ शिप हादसे की खबर बहुत दर्दनाक है। प्रशासन के बड़े अधिकारियों को मौके पर भेज दिया गया है। राज्य सरकार इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के साथ है।” उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया।
