तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए सिर्फ़ सेंट्रल गवर्नमेंट/PSU के कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीमकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है।TMC ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दाखिल की है। बता दें कि कल कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC की याचिका खारिज कर दी थी।कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ TMC सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। टीएमसी की याचिका पर कल यानी 2 मई शनिवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच सुनवाई करेगी। बता दें कि कोलकाता हाई कोर्ट ने कल यानी 30 अप्रैल को ही टीएमसी की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने केंद्रीय सरकार/पीएसयू कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के फैसले की वैधता को बरकरार रखा और रिट याचिका खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की विशेष बेंच कल टीएमसी की उस याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है जिसमें चुनाव आयोग के एक फैसले को मनमाना और पक्षपातपूर्ण करार दिया गया है। पार्टी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें मतगणना में केंद्रीय सरकारी/पीएसयू कर्मचारियों की अनिवार्य तैनाती संबंधी निर्देश को बरकरार रखा गया था। टीएमसी ने याचिका सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड संचित गर्ग के जरिए दाखिल की है। ‘ मामला 13 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी एक आदेश से जुड़ा है। इस निर्देश में कहा गया था कि 4 मई को होने वाली मतगणना के दौरान हर टेबल पर कम से कम एक काउंटिंग सुपरवाइजर या काउंटिंग असिस्टेंट केंद्रीय सरकार या केंद्रीय पीएसयू का कर्मचारी होना चाहिए। टीएमसी ने इसे मनमाना, भेदभावपूर्ण और अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए चुनौती दी थी। चुनाव आयोग ने बंगाल के कुल 15 पोलिंग स्टेशनों पर 2 मई को दोबारा वोटिंग का आदेश दिया है। 4 मई को वोटों की गिनती से ठीक पहले बंगाल में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि गिनती केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार रात अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के गिनती केंद्र पर घंटों बिताए और आरोप लगाया कि वहां धांधली की संभावना है।

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