पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि जी ने मंगलवार को पत्नी लक्ष्मी रवि के साथ कोलकाता स्थित प्रसिद्ध कालीघाट काली मंदिर में मां काली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने राज्य के लोगों के कल्याण, प्रगति और समृद्धि की कामना की। लोक भवन, पश्चिम बंगाल के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से इस दौरे की जानकारी साझा की गई, जिसमें राज्यपाल के इस धार्मिक कार्यक्रम को खास बताया गया। कालीघाट काली मंदिर पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर 51 पवित्र शक्तिपीठों में शामिल है। मान्यता है कि यहां देवी सती के दाहिने पैर का अंगूठा गिरा था, जिस कारण यह स्थान अत्यंत पवित्र माना जाता है। कालीघाट में होने वाली काली पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इतिहास और संस्कृति के हिसाब से भी कालीघाट मंदिर की अहम भूमिका रही है। ऐसा माना जाता है कि ‘कोलकाता’ नाम की उत्पत्ति भी ‘कालीघाट’ से ही हुई है। यह मंदिर पूर्वी भारत में तांत्रिक साधना का एक बड़ा केंद्र रहा है और इसने बंगाल की कला, साहित्य और पारंपरिक ‘पटचित्र’ (स्क्रॉल पेंटिंग) को सदियों से प्रेरित किया है। बता दें कि आरएन रवि, जिनका पूरा नाम रविंद्र नारायण रवि है, ने 12 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पद संभाला था। वे 1976 बैच के सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं और खुफिया क्षेत्र में भी लंबा अनुभव रखते हैं। राज्यपाल बनने से पहले वे तमिलनाडु और नागालैंड के राज्यपाल रह चुके हैं। नागालैंड में अगस्त 2019 से सितंबर 2021 तक उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई, खासकर नागा शांति प्रक्रिया के दौरान। इसके अलावा, वे दिसंबर 2019 से जनवरी 2020 तक मेघालय के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके हैं।

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