नतीजे आते ही संदेशखाली संलग्न नजत थाने में माहौल गरमा गया। मंगलवार रात तृणमूल और BJP के बीच झड़प रोकने की कोशिश में पुलिस के OC पर गोली चला दी गई। इस घटना में OC समेत 5 पुलिस और सेंट्रल फोर्स के जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। शेख शाहजहां का घर कहे जाने वाले इस इलाके में ऐसी घटना ने एक बार फिर बंगाल में कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात नजत थाने के राजबाड़ी इलाके में तृणमूल कांग्रेस और BJP समर्थकों के बीच झड़प हो गई। खबर मिलते ही नजत थाने के OC भरत प्रसून पुरकायत और उनकी बड़ी पुलिस फोर्स आनन-फानन में मौके पर पहुंच गई। उनके साथ सेंट्रल फोर्स के जवान भी थे। पुलिस और स्थानीय लोगों का दावा है कि दोनों तरफ से बम बरस रहे थे और लगातार फायरिंग हो रही थी। आरोप है कि जब गरमागरम हालात पर काबू पाया गया तो पुलिस पर भी सीधे फायरिंग की गई। बदमाशों की चलाईं गोलियों में OC भरत प्रसून पुरकायत सीधे घायल हो गए। राजबाड़ी चौकी के कर्मचारी वासवत गोस्वामी, एक महिला पुलिस कांस्टेबल और दो CRPF जवानों को भी गोली लगी। उन्हें जल्दी से बचाया गया और मिनाखान ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें उसी रात कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। इस घटना की वजह से बुधवार सुबह से ही राजबाड़ी इलाके में दहशत का माहौल है। सड़कों पर नए बम और गोलियों के खोल बिखरे पड़े हैं। बड़ी संख्या में पुलिस और सेंट्रल फोर्स ने इलाके के आसपास सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शाहजहां के पुराने किले में इस नई अशांति से लोगों में बहुत ज़्यादा दहशत फैल गई है। राजनीतिक तनाव की वजह से पुलिस पर हमले की इस घटना ने प्रशासन के माथे पर बल डाल दिए हैं।
