भारत निर्वाचन आयोग ने बंगाल से ‘आदर्श चुनाव आचार संहिता’ (एमसीसी) को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। 15 मार्च को चुनावी बिगुल बजने के साथ ही लागू हुई यह पाबंदियां चार मई को परिणाम घोषित होने के बाद समाप्त कर दी गई हैं। आयोग ने इस संबंध में बंगाल के मुख्य सचिव को औपचारिक अधिसूचना भेज दी है, जिससे अब इन राज्यों में विकास कार्य और प्रशासनिक नियुक्तियां सामान्य रूप से सुचारू हो सकेंगी। भले ही पूरे राज्य से आचार संहिता हट गई हो, लेकिन दक्षिण 24 परगना जिले की ‘फलता’ विधानसभा सीट पर यह अभी भी प्रभावी रहेगी। चुनाव आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी और चुनावी अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए फलता में हुए पिछले मतदान को रद कर दिया है। अब यहां 21 मई को नए सिरे से मतदान कराया जाएगा, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जब तक फलता की चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, वहां आदर्श आचरण विधि लागू रहेगी। आयोग के निर्देश पर विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने दक्षिण 24 परगना के संवेदनशील इलाकों का दौरा कर रिपोर्ट सौंपी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर फलता में दोबारा चुनाव कराने का कड़ा निर्णय लिया गया। इससे पहले डायमंड हार्बर और मगराहाट के कुछ बूथों पर भी पुनर्मतदान कराया गया था। आयोग की इस सख्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
