उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर बनकर टूटी आंधी और भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आए तूफान और बारिश की चपेट में आने से अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है। अलग-अलग दुर्घटनाओं में 72 लोग घायल भी हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रभारी मंत्रियों को तत्काल मैदान में उतरने और पीड़ित परिवारों की सहायता करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों में अचानक मौसम परिवर्तन और धूल भरी आंधी ने जान-माल का भारी नुकसान किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस आपदा में अब तक 111 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त करते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। फतेहपुर में हुई 10 मौतों में से 8 अकेले खागा तहसील से हैं। इनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। यहां दीवार गिरने और बिजली गिरने से कई जानें गईं। प्रतापगढ़ में भी दीवार और शेड गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई। देवरिया में बिजली गिरने से 2 लोगों की जान चली गई। बुधवार शाम आए अचानक तूफान ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया। बरेली के बमियाना गांव में तीव्रता इतनी अधिक थी कि नन्हे मियां नाम के शख्स टिन शेड के साथ हवा में उड़ गए और करीब 50 फीट दूर खेत में जा गिरे। इस घटना में उनके हाथ-पैर टूट गए। वहीं, भदोही और मिर्जापुर में पीपे के पुल क्षतिग्रस्त होने से कई लोग गंगा में गिर गए और कई गांवों का संपर्क टूट गया। तेज हवाओं के कारण पूरे प्रदेश में सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। कई गाड़ियां पेड़ों के नीचे दबकर चकनाचूर हो गईं। बचाव दल अभी भी मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुटे हुए हैं। आंधी-तूफान का सबसे भयावह असर प्रयागराज में देखने को मिला। यहां सबसे अधिक 21 लोगों की मौत हुई है। बाकी कई जिले भी प्रभावित हुए हैं: कौशांबी, शाहजहांपुर, सोनभद्र और लखीमपुर: 1-1 मौतें. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 15 मई से मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने की उम्मीद है। 20 मई तक राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) की स्थिति बन सकती है। लखनऊ में आसमान साफ रहने और अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम 26°C के आसपास रहने का अनुमान है।

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