पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में फिर से होने वाले चुनाव से पीछे हटना जहांगीर खान का ‘‘निजी फैसला’’ है, न कि पार्टी का। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार खान ने 21 मई को होने वाले चुनाव के लिए प्रचार समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ही चुनाव मैदान से पीछे हटने का फैसला किया। तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान में आरोप लगाया कि चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाचन क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया गया था। इसने आरोप लगाया कि फाल्टा में तृणमूल कांग्रेस के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और पार्टी के कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है, इन्हें बंद कर दिया गया है या जबरन कब्जा कर लिया गया है। बयान में कहा गया है, ‘‘इतने दबाव के बावजूद, हमारे कार्यकर्ता अडिग हैं और भाजपा द्वारा एजेंसियों तथा प्रशासन के माध्यम से दी जा रही धमकियों का लगातार विरोध कर रहे हैं। हालांकि कुछ अंततः दबाव के आगे झुक गये।’’ तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि ‘‘बंगाल विरोधी भाजपा’’ के खिलाफ उसकी लड़ाई राज्य और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली दोनों में जारी रहेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में मतदान हुआ था। बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली के आरोपों के बाद इस विधानसभा क्षेत्र में फिर से चुनाव कराये जाने का आदेश दिया गया है।

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